यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर के रेलवे पुल पर रेलवे लाइन को पार करते समय बुधवार सुबह एक बुजुर्ग महिला मालगाड़ी की टक्कर लगने से यमुना नहर में गिर गई। जिससे उसकी मौत हो गई।
राजकीय रेलवे पुलिस के एएसआई अमित कुमार ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि रेलवे पुल पर मालगाड़ी की चपेट में एक महिला आ गई है। मालगाड़ी की टक्कर लगने से महिला पश्चिमी यमुना नहर में गिरी है। मौके से बरामद महिला के थैले से सिविल अस्पताल की एक पर्ची बरामद हुई। जिससे उसकी शिनाख्त तीर्थ नगर निवासी संतोष देवी के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि महिला संतोष पेंशन लेने के लिए रेलवे स्टेशन की तरफ से जा रही थी। जब वह रेलवे स्टेशन के पास पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल के पहुंची तो सहारनपुर की और से आ रही एक मालगाड़ी की चपेट में आ गई। मालगाड़ी की टक्कर लगने से यह महिला यमुना पुल से नीचे नहर में गिर गई। इसके बाद गोताखोर राजीव ने अपने साथी सोहेल के साथ महिला की यमुना नहर में तलाश की।
गोताखोरों ने महिला के शव को दोपहर के समय हमीदा हेड के पास से बाहर निकाला। कुछ लोगों ने उसकी शिनाख्त की। उसके बारे परिजनों को पुलिस ने बताया। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मृतका की पुत्रवधू ने बताया कि उसकी सास पेंशन लेकर आने की बात कहकर घर से निकली थी। जांच अधिकारी अमित ने बताया कि महिला के शव को बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
शॉर्टकट के चक्कर में जान गंवाते हैं लोग
- इस पुल पर हर साल होती है 10-15 लोगों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रेलवे स्टेशन के पास पश्चिमी यमुना नहर पर बना रेलवे पुल बाड़ी माजरा, तीर्थ नगर, रूप नगर व अन्य कॉलोनियों में जाने का शॉर्टकट है। हालांकि रेलवे की ओर से यहां से निकलने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। रेलवे की तरफ से बोर्ड भी लगाया है। लेकिन हर दिन सैकड़ों लोग इस शॉर्टकट से रेलवे पुल पार करते हैं। अचानक ट्रेन आने पर हादसों का शिकार हो जाते है। यहां हर साल दर्जन भर लोगों की मौत पुल से गुजरते समय ट्रेन की चपेट में आने से हो जाती है।
शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी यमुना नहर पार बाडी माजरा व टपरियां गांव की तरफ रहता है। रेलवे लाइन से ही कुछ दूरी पर सहारनपुर हाइवे भी गुजरता है। परंतु हाइवे से आना लोगों को दूर पड़ता है। इसलिए लोग पश्चिमी यमुना नहर के ऊपर बने रेलवे पुल को शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते है। जिस वक्त लोग रेलवे लाइन से गुजरते हैं तो सामने या फिर पीछे से ट्रेन आ जाती है। तब लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिलता। इस कारण वे ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। हर साल इस रेलवे लाइन पर 10 से 15 लोगों की जान चली जाती है। पहले रेलवे लाइन के साथ-साथ एक पुल था जिसे लोग आने जाने के लिए इस्तेमाल करते थे। परंतु जब से ये पुल रेलवे ने तोड़ा है तब से हादसों का ग्राफ बढ़ गया है।
राजकीय रेलवे पुलिस के थाना प्रभारी सत प्रकाश का कहना है कि बंद फाटक के दौरान रेलवे लाइन पार करना अपराध है। इसके अलावा स्टेशन पर भी यदि ट्रैक पार करना हो तो पुल से जाना चाहिए। नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। समय समय पर जीआरपी लोगों को पुल न गुजरने को जागरूक करती है।