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ठेका खुलते ही ग्रामीणों ने जड़ा ताला, कई घंटे जताया रोष

Fri, 05 May 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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wine shop - फोटो : अमर उजाला
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कुरुक्षेत्र जिले के गांव मिर्जापुर में एक पूजा स्थल के सामने ठेका खोले जाने को लेकर ग्रामीण व प्रशासन आमने-सामने आ गए है। जहां ग्रामीण ठेका खुलते ही इसके विरोध में उतर आए और ठेके पर ताला जड़कर कई घंटे प्रदर्शन किया तो वहीं प्रशासन ने पूजा स्थल को मानने से ही इंकार कर दिया है। पुलिस द्वारा समझाए जाने के उपरांत प्रदर्शनकारी शांत हो गए और आश्वासन के अनुसार उच्चाधिकारियों की इंतजार करने के उपरांत प्रदर्शन खत्म किया, जिसके बाद अब अगली रणनीति बनाई जा रही है।
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वीरवार सुबह ही जब ग्रामीणों को पता चला कि जहां माता की पूजा अर्चना के लिए स्थल बनाया हुआ है वहीं उसके सामने शराब का ठेका खोल दिया गया है। यह जानकार सुशील कुमार, नरेश कुमार, रमेश, सुरेंद्र, ईश्वर, नसीब, विद्या देवी, रीना देवी, शकुंतला, रोशनी देवी, महेंद्रो सहित सैकड़ों महिलाएं व पुरुष ठेके पर पहुंच गए। जहां पहले ठेके पर ताला लगा दिया गया तो फिर जमकर प्रदर्शन करते हुए रोष जाहिर किया। जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठेका हटाए जाने की मांग पर अड़े रहे।

इस पर जब विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो पहले दो घंटे का समय लिया गया तो फिर आश्वासन दिया गया कि सांय तक इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बावजूद ग्रामीण कई घंटे तक जमे रहे और करीब डेढ़ बजे वे आज ही समस्या के समाधान किए जाने के आश्वासन पर शांत हो गए और घर लौटे। इस दौरान प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि उक्त पूजा स्थल पर पूरा गांव हर सप्ताह एक दिन पूजा करता है और यहां पूजा अर्चना के लिए महिलाएं भी बड़ी संख्या में आती है। महज 72 मीटर दूरी पर स्थित शराब के ठेके से यहां माहौल खराब होगा तो महिलाएं भी सुरक्षित नहीं रहेंगी।
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उन्होंने बताया कि कई दिन पहले भी जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन दिया था, जिसमें इस जमीन के आसपास ठेका न खोले जाने की मांग की थी, इसके बावजूद बुधवार देर रात यहां ठेका खोल दिया गया। इससे पहले यह ठेका महज दस कदम दूरी पर शहर की ओर था, जो ड्राई एरिया में होने के चलते यहां बदल दिया गया है। लेकिन इसे किसी भी स्तर पर यहां चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि सांय तक मामले का समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी ही यहां पहुंचा। अब शुक्रवार या शनिवार को अगली रणनीति बनाई जाएगी।

डीईटीसी बोले, पंजीकृत पूजा स्थल नहीं
डीईटीसी अमित खनगवाल का कहना है कि कई दिन पहले भी लोगों ने रोष व्यक्त किया था। उसके बाद डीसी के निर्देशानुसार ही अब इस जगह का चयन किया गया है। उन्हें मिली रिपोर्ट के अनुसार लोग जिस पूजा स्थल का नाम लेकर ठेके का विरोध कर रहे है, वह पंजीकृत ही नहीं है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए निर्देशों की कोई अवहेलना नहीं हो रही है।

रोडवेज विभाग ने दिया है पंचायत को नोटिस
डीईटीसी ने बताया कि गांव के लोग जिस पूजा स्थल की बात कर रहे है वह हरियाणा रोडवेज की जमीन पर है और विभाग की ओर से ग्राम पंचायत को इस बाबत नोटिस भी दिया हुआ है। यहां तक कि विभाग ने इस जमीन पर पूजा स्थल को अवैध माना है तो आबकारी विभाग इस स्थल को सही कैसे मान सकता है।

मुर्तापुर के ठेके पर महिलाएं कर चुकी है तोड़फोड़
शराब के खुल रहे ठेकों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में जहां हर रोज विभाग के पास ठेके के विरोध में शिकायतें मिल रही है वहीं अब महिलाएं भी इन ठेकों के विरोध में उतर आई है। 21 अप्रैल को ही मुर्तजापुर में महिलाओं ने न केवल शराब के ठेके का कड़ा विरोध किया था बल्कि ठेके से शराब की बोतलें सड़क पर भी फेंक दी थी। वहीं पिहोवा के खेड़ी शीश गरां में भी बुधवार को महिलाएं ठेके के विरोध में उतर आई और एसडीएम को इसे बंद करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। इसी क्रम में वीरवार को मिर्जापुर में शराब के ठेके के विरोध में गांव की सैकड़ों महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुई।
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