womens drop out the wine botles.
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गांव मुर्तजापुर में बस स्टैंड से गांव की तरफ जाने वाली सड़क पर करीब 10 दिन पहले खोले गए शराब के ठेके के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतर आई। गांव की ही महिलाएं लठ लेकर ठेके में घुस गई और शराब की बोतलें ठेके से बाहर सड़क पर फेंक दी तो वहीं ठेके को जमकर तोड़ा। इससे भी वे संतुष्ट नहीं हुई तो सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की और गहरा रोष जताया।
शुक्रवार को भारी संख्या में महिलाएं ठेके पर पहुंची और हल्ला करना शुरू कर दिया। इन महिलाओं में से अधिकतर के हाथ में लठ थे तो वहीं उन्होंने वहां पहुंचते ही ठेके के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वे ठेेके में घुस गई और शराब की बोतलें बाहर सड़क पर फेंक दी। महिलाओं ने जमकर हंगामा करते हुए ठेके को तोड़ दिया तो वहीं सड़क पर जाम लगा कर भी जमकर रोष प्रकट किया। बाद में डीएसपी धीरज कुमार व तहसीलदार चेतना चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और महिलाओं को वहां से हटाया।
महिला माया देवी, पूनम, कुसुम, गुड्डी, शबीना, शकुंतला, रोशनी व बाला सहित दर्जनों ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिन पहले बस स्टैंड से गांव की ओर आने वाली सड़क पर शराब का ठेका खोल दिया गया है। इससे स्कूल कॉलेज जाने वाली छात्राओं को परेशानी होती है। शराबी सड़क पर खड़े रहते हैं। जिससे बेटियां असुरक्षित महसूस करती हैं। इसके अलावा वे सभी मजदूर तबके से हैं।
पूरा दिन वे लोगों के खेतों में गेहूं काटकर और बालियां चुनकर अनाज एकत्रित करती हैं। लेकिन शाम को उस अनाज को उनके पति व अन्य शराब के आदि परिजन बेचकर ठेके से दारू पी जाते हैं और फिर उनके साथ मारपीट होती है। लिहाजा वे अपनी बर्बादी के ठेके को यहां नहीं खुलने देंगी। महिलाओं का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से ठेका हटवाने की शिकायत कर चुकी हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।