हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष एवं शिरोमणी अकाली दल (हरियाणा स्टेट) के वरिष्ठ नेता कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल मिलते ही उनकी प्राथमिकता चहुंमुखी विकास की है। इतना ही नहीं, सभी सिख संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी बिना किसी भेदभाव के सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजराना ने बताया कि उनके पास पिछले लंबे समय से मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च शाहाबाद की प्रबंधन समिति द्वारा कर्मचारियों से किए जा रहे भेदभाव संबंधी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने चेताया कि मीरी-पीरी ट्रस्ट के पदाधिकारी कर्मचारियों के साथ ज्यादतियां बंद करें। उन्होंने बताया कि कोरोना काल से ही इस ट्रस्ट के सभी कर्मचारियों का वेतन दो महीने लेट चल रहा है। हालात यह है कि जुलाई महीने का वेतन कर्मचारियों को 29 सितंबर को दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के उप चेयरमैन रघुजीत सिंह और अन्य सभी एसजीपीसी सदस्य हमेशा बताते हैं कि यह संस्थान मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है, मगर यहां कर्मचारियों की क्या हालत है, यह कभी किसी ने नहीं बताया। अजराना ने संस्थान में कार्यरत सभी कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल मिलते ही वे यहां के कर्मचारियों को सभी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाएंगे।