कुरुक्षेत्र। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं को आरक्षण मिलने के बाद महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी को लेकर नई उम्मीद जगी है। पहली बार उपप्रधान पद पर महिला अधिवक्ता को चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिलने से अब बार की राजनीति में महिलाओं की सक्रियता बढ़ने लगी है। यही नहीं, आने वाले समय में प्रधान पद पर भी महिला अधिवक्ताओं की दावेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि न्याय के क्षेत्र में महिलाएं लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं, ऐसे में बार एसोसिएशन के पदों पर भी उन्हें समान अवसर मिलना जरूरी है। आरक्षण के माध्यम से शुरुआत हुई है तो इसे आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
महिलाओं के लिए सुविधाओं का हो विस्तार : अधिवक्ता पूजा
महिला अधिवक्ता पूजा बशीर का कहना है कि अदालत परिसर और बार भवन में महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग विश्राम कक्ष, बेहतर शौचालय, बैठने की उचित व्यवस्था और बच्चों के साथ आने वाली अधिवक्ताओं के लिए जरूरी सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उनका कहना है कि कई महिला अधिवक्ता पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पेशेवर दायित्व निभा रही हैं, ऐसे में बार एसोसिएशन की ओर से सुविधाएं बेहतर होने से उन्हें काम करने में और सहूलियत मिलेगी।
पदों पर भागीदारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास : अधिवक्ता रुचि
महिला अधिवक्ता रुचि के अनुसार चुनाव में आरक्षण मिलने से न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि अन्य महिलाओं का भी आत्मविश्वास मजबूत होगा। उनका मानना है कि युवा महिला अधिवक्ताओं को आगे आकर बार की गतिविधियों और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
प्रधान से लेकर अन्य पदों पर भी मिले मौका : अधिवक्ता दीक्षा
अधिवक्ता दीक्षा कंसल का कहना है कि महिला अधिवक्ता केवल आरक्षित पद तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। योग्य महिला अधिवक्ताओं को भविष्य में प्रधान, सचिव सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
आरक्षण से मिली नई शुरुआत
आरक्षण मिलने से महिलाओं को बार की कार्यकारिणी में अपनी भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिला है। यह शुरुआत आगे चलकर महिला अधिवक्ताओं को अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
सुविधाओं में हो सुधार
बार भवन में महिला अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए उनके लिए अलग विश्राम कक्ष, स्वच्छ शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए।
प्रधान पद पर भी हो दावेदारी
महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। बार एसोसिएशन में भी योग्य महिला अधिवक्ताओं को प्रधान पद के लिए आगे आना चाहिए। आरक्षण ने इस दिशा में सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
युवा अधिवक्ताओं को मिले अवसर
महिला अधिवक्ताओं की नई पीढ़ी को बार की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। चुनाव में प्रतिनिधित्व मिलने से नेतृत्व क्षमता विकसित होगी और महिलाओं की समस्याएं प्रभावी ढंग से सामने आएंगी।