कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रखे अग्निशमन सिलिंडर
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी के पीछे स्थित पीएचडी लाइब्रेरी की छत पर बने स्टोर रूम में शुक्रवार देर शाम अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने स्टोर रूम में रखे पुराने एसी के सामान, किताबें, नोट्स, बिजली के तार और अन्य सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए मौके पर अग्निशमन सिलिंडर मौजूद थे लेकिन उस समय एक भी नहीं चला।
वहीं लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों ने मौके पर आग पर काबू पाने के लिए केंद्रीय लाइब्रेरी से भी सिलिंडर लेकर गए, वो भी मौके पर नहीं चले। ऐसे में छात्रों ने खुद पानी की टंकियों से बाल्टियां भरकर और पाइप के जरिये पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग इतनी तेज थी कि स्टोर रूम में धुआं भर गया और छात्रों को अंदर आग बुझाने में काफी परेशानी हुई।
लाइब्रेरी के निदेशक डॉ. चेतनन शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि इन दिनों लिफ्ट लगाने का काम चल रहा है। इसी दौरान छत पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारियों की ओर से धुआं किया जा रहा था। इसी दौरान एक चिंगारी नीचे गिर गई, जिससे स्टोर रूम में आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से वहां रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया।
लाइब्रेरी में पढ़ रहे थे छात्र, पास से गुजर रहे बिजली के तार
जिस समय आग लगी, उस दौरान पीएचडी और सेंट्रल लाइब्रेरी में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे। लाइब्रेरी देर रात तक खुली रहती है। आग वाले स्टोर रूम के आसपास विश्वविद्यालय की बिजली व्यवस्था से जुड़ी मोटे तार और पाइप भी गुजर रहे हैं। छात्रों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा बच गया। छात्रों ने कहा कि न तो कोई पानी की व्यवस्था थी और न ही फायर सेफ्टी के उचित प्रबंध।
ठेकेदार को सुबह सीएसओ कार्यालय में किया तलब
विश्वविद्यालय के सीएसओ डॉ. आनंद ने बताया कि लिफ्ट लगाने का काम कर रहे ठेकेदार के कर्मचारियों की ओर से मधुमक्खियों को भगाने के लिए धुआं किया गया था। कर्मचारियों ने मौके पर आग को नहीं देखा, जिसके कारण आग फैल गई और स्टोर रूम का पूरा सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को मामले में तलब किया गया है। उसे शनिवार सुबह सीएसओ कार्यालय में बुलाया गया है, जहां पूरे मामले को लेकर उससे स्पष्टीकरण लिया जाएगा।