कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित महासम्मेलन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उम्र-70 की हो गई तो क्या हुआ। अभी तो मैं जवान हूं। 35 साल का युवा जो कार्य कर सकता है, वह करने का हौसला और जज्बा आज भी बरकरार है। इस दौरान कहानियां सुनाकर न सिर्फ उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाया, बल्कि युवाओं से संवाद में खुद भी युवा नजर आए।
धर्मनगरी के थीम पार्क में आयोजित महासम्मेलन में उन्होंने रोजगार से लेकर युवाओं की विदेश जाने तक की इच्छा पर विस्तार से बात रखी। कहा कि अगर युवा सही दिशा और सही रफ्तार से चले तो बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने एक कहानी के जरिए बताया कि कुछ युवा किसी गांव में जा रहे थे तो उन्हें एक बुजुर्ग मिला, जिससे युवाओं ने गांव का पता पूछा। इस पर बुजुर्ग बोला कि उन्हें उस गांव तक पहुंचने में कई जन्म लग जाएंगे। यह जान युवा हैरान रह गए। आगे बुजुर्ग ने बताया कि जिस गांव में उन्हें जाना था वह पीछे ही छूट गया और अब वे जिस दिशा में जा रहे हैं, उसी में चलते हुए वापस गांव तक पहुंचने में कई जन्म लग जाएंगे, क्योंकि पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाकर ही वापस उस गांव में जा सकेंगे। यह सुन युवा वापस चल पड़े। फिर उन्हें एक दूसरा बुजुर्ग मिला, जिससे उन्होंने फिर पूछा कि वे उस गांव में कब तक पहुंच जाएंगे। बुजुर्ग बोला कि नहीं पता। जब युवक वहां से चल पड़े तो 100 मीटर जाने के बाद बुजुर्ग ने आवाज देकर कहा कि दो घंटे लग जाएंगे। इस पर युवाओं ने कहा कि उन्हें पहले क्यों नहीं बताया। इस पर बुजुर्ग ने कहा कि उनके 100 मीटर तक चलने पर पता चला कि उनकी रफ्तार कितनी है। इस रफ्तार में उन्हें उस गांव तक पहुंचने में इतना समय तो लग ही जाएगा।