जिलेभर में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। कई जगहों पर बूंदाबांदी भी आई तो वहीं शाहाबाद में देर शाम तेज हवाओं के बीच ओलावृष्टि भी हुई। इससे सड़कों पर बर्फ की चादर बिछ गई। इससे एकाएक ही ठंड भी बढ़ गई। ओलावृष्टि व हवाएं चलने से गेहूं व सब्जी की फसल में नुकसान की आशंका जताई जाने लगी है। मौसम के इस प्रकार से बिगड़े मिजाज से किसानों में चिंता दिखाई देने लगी है तो वहीं कृषि वैज्ञानिक भी गेहूं व सब्जी मेें नुकसान की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि हालांकि अभी नुकसान की कोई जानकारी नहीं पहुंची है, लेकिन मौसम अधिक बिगड़ा तो फसल में नुकसान भी हो सकता है। विशेष रूप से जिस फसल में पानी ठहरा हुआ है या फिर वे गहराई में है, वहां नुकसान की आशंका अधिक हो जाती है। किसानों को चाहिए कि गेहूं व सब्जी की फसल में पानी न ठहरने दें और बदले मौसम के चलते वह इन फसलों में पानी न लगाएं।
किसानों को समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेनी चाहिए। उधर किसान मेहर सिंह रामगढ़, जसबीर पलवल, सतबीर किरमिच व सत्यवान प्रतापगढ़ का कहना है कि इस समय गेहूं व सब्जी की फसल में बारिश से ही नुकसान हो सकता है जबकि ओलावृष्टि हुई तो नुकसान अवश्य से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम के मिजाज को देख किसान गहरी चिंता में डूबे हुए हैं।