मानसून को लेकर उम्मीद लगाई जा रही थी कि रविवार को तो बारिश होगी ही होगी, लेकिन इस दिन भी गर्मी ने दिनभर पसीना छुडाए रखा। हालांकि अधिकतम तापमान घटकर जरूर 36 डिग्री सेल्सियस पर आया, लेकिन बारिश की बूंद भी नहीं टपकी। मौसम विभाग अनुसार इन दिन बारिश होने की संभावना जताई गई, जिससे लोग सुबह से ही आसमान में टकटकी लगाए बादलों के आने का इंतजार कर रहे थे। दिन में 21 किलोमीटर की गति से चली गर्म हवाओं के बीच मौसम में 82 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई। वहीं बारिश के इंतजार में बैठा किसान भी दिनभर आसमान को निहारता रहा। खेतों को पानी मिलने से फसल सूखने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि पहले ही देरी से पहुंचा मानसून यदि अब बरसने में और ज्यादा देर करता है तो इस बार उनकी फसल को खराब होने से कोई नहीं बचा सकता। गर्मी ने आमजन को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है। बीते वीरवार रात्रि हुई बारिश के बाद 10 जुलाई को अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन बारिश तो क्या होना उलटा गर्मी और ज्यादा बढ़ गई। इस समय हालात ऐसे हुए पड़े हैं कि पंखे और कूलर भी पसीना नहीं सुखा पा रहे हैं। उमस में पसीने चिपचिपाहट से लोग दिन में तीन-तीन बार नहाने को मजबूर हो चुके हैं। छत पर रखी टंकियों का पानी भी उबाले मारने को हो रहा है। ऐसे में बारिश होने से बड़ी राहत मिलेगी।