कुरुक्षेत्र। पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच बुधवार की आधी रात के बाद अचानक मौसम बदल गया, जिसके बाद जोरदार आंधी आई। साथ ही हल्की बारिश भी हुई। इससे बिजली के खंभे और पेड़ों के धराशायी होने से जिले भर में बिजली गुल होने से ब्लैक आउट रहा। इस दौरान लोगों को दिनचर्या भी प्रभावित हुई है, हालांकि गर्मी से लोगों को कुछ घंटों की राहत मिली।
उल्लेखनीय है कि बुधवार की रात की आंधी से जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से ज्यादा पेड़ गिर गए , वही बिजली के 100 से ज्यादा खंभे टूट गए। आंधी के चलते 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर भी गिर गए। इससे बिजली निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ और जिले भर में ब्लैक आउट छा गया। रात करीब दो बजे के बाद से कई क्षेत्रों में आठ घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई तो वहीं कई क्षेत्रों में देर शाम तक भी यह सुचारू नहीं हो पाई। बिजली न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। बिजली न आने से कई क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या भी झेलनी पड़ी।
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दिन भर घनघनाती रही घंटी, 425 से ज्यादा शिकायतें पहुंची
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आंधी का असर कितना रहा, यह अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिजली आपूर्ति बाधा होने, खंभे व तार टूट जाने, ट्रांसफार्मर गिर जाने व क्षतिग्रस्त होने सहित विभिन्न प्रकार की 450 से ज्यादा शिकायतें निगम के शिकायत केंद्र पर पहुंची। इनमें करीब 120 शिकायतें लोगों ने कॉल कर दर्ज कराई तो वहीं 330 से ज्यादा शिकायतें ऑनलाइन भी की गईं। ऐसे में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए निगम के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक के पसीने छूट गए। देर रात तक कर्मचारी लाइनों पर काम करते रहे।
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दुकानों के उड़े बोर्ड, हादसे टले
आंधी का असर शहर में भी दिखाई दिया, जहां कई दुकानों, चौक-चौराहों पर लगे बोर्ड, होर्डिंग आदी टूट कर गिर गए। गनीमत रही कि यह आंधी रात के समय आई और हादसा टल गया। उधर कई दुकानदारों ने बताया कि उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
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पेड़ गिरने से नहीं हुआ कोई बड़ा नुकसान : डीएफओ
जिला वन अधिकारी रविंद्र धनखड़ का कहना है कि आंधी से विभाग को कोई विशेष नुकसान नहीं है। उधर बिजली निगम के एसई अशोक कुमार यादव का कहना है कि आंधी से निगम को बड़ा नुकसान हुआ है, जिसका अभी आकलन किया जा रहा है। पूरे जिले भर में बिजली आपूर्ति कुछ घंटे बाद बहाल कर दी गई।