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Kurukshetra News: हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी महासचिव पद से गुरविंद्र सिंह धमीजा हटाए गए

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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से आखिरकार महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा की छुट्टी कर दी गई है। कमेटी कार्यकारिणी की एकमात्र महिला सदस्य को छोड़कर अन्य सभी सदस्य उनके विरोध में उतर आए, जिसके बाद उन्हें इस पद से हटाए जाने का निर्णय लिया गया। सदस्यों ने उन पर अपने अधिकार क्षेत्र से आगे जाकर मनमानी करने व गुरुघरों के मुलाजिमों के साथ अच्छा व्यवहार न करने के आरोप लगाए। कमेटी ने धमीजा की जगह पानीपत के रहने वाले मोहनजीत सिंह को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।
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गुरविंद्र सिंह धमीजा पर लगातार आरोप लगाए जाने के चलते बुधवार को कमेटी मुख्यालय में अहम बैठक हुई थी। इसकी अध्यक्षता प्रधान महंत करमजीत सिंह ने की। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, कनिष्ठ उपप्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, संयुक्त सचिव मोहनजीत सिंह पानीपत, कार्यकारिणी समिति के मेंबर जसवंत सिंह दुनियामाजरा, गुरुबख्श सिंह खालसा, विनर सिंह, जगसीर सिंह मांगेआना, बीबी रविंदर कौर अजराना शामिल थे। इनके अलावा सभी सदस्य मौजूद रहे। बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से उन्हें हटाए जाने की मांग के चलते गुरविंद्र सिंह धमीजा से इस्तीफा मांगा गया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद कमेटी की कार्यकारिणी समिति के प्रधान के अलावा 10 सदस्यों में से आठ ने उनके विरोध में पत्र पर हस्ताक्षर किए जबकि सदस्य रमणीक सिंह मान ने वीसी के जरिए विरोध में ही मत दिया। वहीं एकमात्र महिला सदस्य बीबी रविंद्र कौर अजराना ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। उधर कमेटी द्वारा उठाए गए इस कदम पर गुरविंद्र सिंह धमीजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर करने लगे थे मनमानी : भूपेंद्र असंध
कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह असंध ने कहा कि गुरविंद्र सिंह धमीजा का न कमेटी सदस्यों और न ही गुरुघरों के मुलाजिमों के साथ अच्छा व्यवहार था। वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर व प्रधान को भी दरकिनार करते हुए मनमानी करने लगे थे। ऐसे में सभी लोगों में उनके प्रति रोष पनप रहा था। पिछले दो से तीन महीने से उन्हें सभी से बेहतर व्यवहार करने व अपनी शक्तियों का अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रयोग न करने को कहा गया, लेकिन उनकी मनमानी जारी रही, जिसके चलते विचार विमर्श के बाद कमेटी को यह कदम उठाना पड़ा। महासचिव की जिम्मेदारी फिलहाल संयुक्त सचिव मोहनजीत सिंह को सौंपी गई है।
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