शाहाबाद। बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है वहीं दूसरी ओर शहर की पानी निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। बारिश के कुछ घंटों के भीतर ही शाहाबाद शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक हर ओर जलभराव से आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगरपालिका द्वारा बारिश पूर्व किए गए प्रबंधों और दावों की सच्चाई सामने आ गई।
शहर के प्रमुख मोहल्ले जैसे सुभाष नगर, सरकारी अस्पताल रोड, माजरी मोहल्ला, बैंक बाजार, कमेटी बाजार, प्रताप मंडी, आर्य कन्या महाविद्यालय रोड, पुरानी सब्जी मंडी, रेलवे रोड, स्टेशन माजरी, हुडा, गोपी विहार और किला सिखा समेत अनेक क्षेत्रों में सड़कें तालाब बन गईं। सबसे चिंताजनक स्थिति डेहा कॉलोनी की रही, जहां कई घरों में बरसाती पानी घुस गया, जिससे लोगों को रातभर जागकर अपने घर और सामान बचाने की मशक्कत करनी पड़ी। नई अनाज मंडी, मॉडल टाउन और आसपास के इलाकों में भी जलभराव रहा। बराड़ा रोड पर स्थित उस नाले की हालत भी सामने आई जिस पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन वह अब तक अधूरा पड़ा है।
पानी से भरा बीडीपीओ कार्यालय परिसर, कामकाज प्रभावित
मंगलवार सुबह जब बीडीपीओ कार्यालय में कर्मचारी पहुंचे तो पूरा परिसर पानी में डूबा हुआ था। जलभराव के कारण पूरे दिन कार्यालय में किसी प्रकार का प्रशासनिक कार्य नहीं हो पाया। सरकारी दफ्तरों की यह स्थिति साफ दर्शाती है कि बारिश से निपटने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। उधर अनाज मंडी में रखी सूरजमुखी की फसल भारी बारिश के कारण भीग गई और कई किसानों की उपज तो बह भी गई। विधायक रामकरण काला नगरपालिका पहुंचे और अधिकारियों को फटकार लगाई।
कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के चलते जलमग्न हुआ सेक्टर 17 । संवाद
कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के चलते जलमग्न हुआ सेक्टर 17 । संवाद
कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के चलते जलमग्न हुआ सेक्टर 17 । संवाद
कुरुक्षेत्र। सुबह के समय हुई बारिश के चलते जलमग्न हुआ सेक्टर 17 । संवाद