कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी के साथ शहर में बहने वाले गंदे पानी की निकासी के प्रबंध के लिए बोर्ड की तरफ से एक परियोजना तैयार की गई है। इस परियोजना के तहत खेड़ी मारकंडा और आसपास के क्षेत्र और शहर के गंदे पानी की निकासी को खेड़ी मारकंडा में बने और बनने वाले एसटीपी तथा नरकातारी एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना पर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से करीब 50 लाख का बजट खर्च किया जाएगा। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने यह जानकारी दी।
धुम्मन सिंह किरमिच बुधवार को खेड़ी मारकंडा में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह, अधीक्षण अभियंता अरविंद कौशिक ने विधिवत रूप से लाखों रुपए की लागत से बनने वाले सरस्वती घाट के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की धारा से बहने वाली प्रदेश की सबसे प्राचीन नदी सरस्वती के किनारे शहर के क्षेत्रों में घाटों का निर्माण कार्य करने के साथ-साथ अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि सरस्वती नदी के किनारे शहरी क्षेत्र में आठ घाटों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना पर बोर्ड की तरफ से लाखों रुपए का बजट खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नदी के जल की पवित्रता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए शहरी क्षेत्र के गंदे पानी के निकासी को इस नदी में बहने से रोका जाएगा। इसके लिए सरस्वती के साथ-साथ बहने वाले गंदे नाले के जीर्णोद्धार के लिए एक योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत गंदे नाले को मजबूत किया जाएगा, ताकि इस नाले से गंदा पानी बाहर न आ सके। इतना ही नहीं इस गंदे पानी को खेड़ी मारकंडा में बने और बनने वाले एसटीपी तक ले जाया जाएगा। इसके अलावा शहर के गंदे पानी को नरकातारी के एसटीपी तक ले जाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 50 लाख का बजट खर्च किया जाएगा।