कुरुक्षेत्र। गेहूं लेकर आ रहे किसान, मंडी में बैठे आढ़ती और मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूं तो मार्केट कमेटी सभी सुविधाएं देने का दावा कर रही है लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल पा रही।
आढ़ती सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन दिनों से पानी की समस्या के कारण सभी परेशान हैं। यहां लगे वाटर कूलर पर्याप्त मात्रा में नहीं है। मंडी में अलग-अलग स्थानों कोनों पर लगे वॉटर कूलर बीचोंबीच से काफी दूर पड़ते हैं। मंडी में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए।
किसान मुलखराज ने बताया कि यह हालत तीन दिनों से है। मार्केट कमेटी कार्यालय में वे लोग अपनी समस्या को लेकर गए थे, लेकिन कुछ हल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सीजन के समय भीषण गर्मी होती है और ऐसे में पानी की बहुत अधिक आवश्यकता पड़ती है, लेकिन उन्हें मंडी के अलग-अलग हिस्सों में पानी पीने के लिए जाना पड़ता है।
मंडी में काम कर रहे मजदूरों ने भी पेयजल संकट का रोना रोया। किसान इकबाल, ज्ञानचंद और सीताराम उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। सीजन से पहले मूलभूत सुविधाएं पूरी कर ली जानी, लेकिन स्थिति बिल्कुल उल्ट है।
कोनों पर लगे वॉटर कूलर पर पानी पीने के लिए उन्हें जाना पड़ता है और इससे उनका काम भी प्रभावित होता है। गर्मी में मजदूरी करते समय पानी की प्यास कुछ ही मिनटों में लग जाती है और उनकी इस समस्या को लेकर अधिकारी मौन हैं।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की कार्यकारिणी अधिकारी सुभिता ढाका ने गुलजारी लाल नंदा स्मारक के निकट गेहूं उतारने पर ऐतराज जताया। उन्होंने किसानों को इस स्थान पर गेहूं उतारने से मना किया तो सूचना मिलने पर मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकुंद लाल केडीबी कार्यालय पहुंचे। मुकुंद लाल ने कार्यकारिणी अधिकारी सुभिता ढाका से बातचीत करते हुए उन्हें मंडी में स्थान न होने की समस्या से अवगत कराया। इस बारे में जानकारी देते हुए मुकुंदलाल ने बताया कि मैडम को समस्या से अवगत करा दिया गया है और वे इससे एसडीएम और उपायुक्त से बात करेंगे।
कुरुक्षेत्र नई अनाजमंडी में पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। वीरवार सुबह हुई बरसात के कारण रुका हुआ पानी मंडी में दिखाई दिया और मजदूर झाड़ू से पानी को एक तरफ करते दिखे। यह दृश्य मंडी में एक दो जगह नहीं, बल्कि अनेक स्थानों पर देखा गया।
मार्किट सचिव दलेल सिंह ने कहा कि बरसात अधिक नहीं हुई। थोड़ी बरसात थी, ज्यादा नहीं। जो थोड़ा बहुत पानी रुका हुआ है, उसकी निकासी करा दी गई है। पेयजल समस्या के बारे में सचिव ने कहा कि पानी के टैंकर मंगवाकर इसका समाधान भी कर दिया है।