कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गर्ल्स हॉस्टल की एंबुलेंस पिछले डेढ़ साल से कंडम है।
कुलपति से अनुमति मिलने के बाद भी हॉस्टल प्रशासन लापरवाही बरत रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभी तक नई एंबुलेंस नहीं खरीदना है, जबकि कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने नई एंबुलेंस खरीदने की परमिशन करीब चार माह पहले ही दी जा चुकी है।
गर्ल्स हॉस्टल चीफ वार्डन डॉ. आशू शौकीन तो इस बारे में यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है कि कमेटी के सदस्य एकत्रित नहीं होने की वजह से यह कार्य अटका है, जबकि मुख्य वार्डन होने के नाते वे इस समस्या का बहुत पहले हल करवा सकती थी, लेकिन ढुलमुल रवैये के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
हालांकि छात्राओं से एंबुलेंस सर्विस के नाम पर करीब 100 रुपये शुल्क भी लिया जा रहा है और ऐसे में जब नई एंबुलेंस की बात की जाती है, तो अधिकारी केयू स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस मौजूद है और आपातकालीन स्थिति में उसका इस्तेमाल कर लिया जाता की बात कहते हुए अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं।
बता दें कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हॉस्टल के लिए पहले खरीदी गई एंबुलेंस अब पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। यह हालत करीब डेढ़ साल से है और कुछ माह पहले ही कुलपति डॉ. डीडीएस संधू से हॉस्टल प्रशासन ने एंबुलैंस खरीदने के लिए अनुमति मांगी, जिस पर उन्होंने तुरंत हां करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द एंबुलेंस खरीदी जाए।
गर्ल्स हॉस्टल चीफ वार्डन डॉ. आशू शौकीन ने बताया कि कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने एंबुलेंस खरीदने के लिए अनुमति दी है।
उन्होंने बताया कि अनुमति मिलने के बाद अब आगामी प्रोसेस जारी है और जल्द ही एंबुलेंस की सुविधा छात्राओं को उपलब्ध करा दी जाएगी। खरीद में देरी होने पर उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के एकत्रित न होने पर यह काम अटका है।
कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने कहा कि एंबुलेंस खरीदी जाएगी। छात्राओं को हर सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किन्हीं कारणों से यह काम अटका था, लेकिन अब जल्द ही गर्ल्स हॉस्टल के लिए एंबुलेंस उपलब्ध होगी।