कुरुक्षेत्र। पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में अपशिष्ट से धन विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छता ही सेवा 5.0 अभियान को गति देती है और स्वच्छ भारत व आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सहायक है। कार्यक्रम के दौरान दो लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान आयोजित किए गए। दिल्ली पब्लिक स्कूल की पीजीटी फाइन आर्ट्स शिक्षिका ममता पहवाल ने विज्ञान और नवाचार से कचरे का सदुपयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए कपड़े के बैग, ज्वेलरी और सजावटी वस्तुएं प्रदर्शित कीं, जो अपशिष्ट सामग्री से तैयार की गई थीं।
श्रीकृष्ण संग्रहालय के प्रभारी बलवान ने कचरा नहीं, एक अवसर है विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि कचरा वैज्ञानिक दृष्टि से पुन: उपयोग योग्य है और यह आय का स्रोत बन सकता है। परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करती हैं। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी और वस्तु निर्माण प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपशिष्ट से ट्रेन इंजन, टेबल लैंप, दरी और टायर सीट जैसी आकर्षक वस्तुएं तैयार कीं। विजेताओं को प्रशंसा पत्र व पुरस्कार प्रदान किए गए। संचालन शिक्षा अधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण चेतना, नवाचार और स्वदेशी उत्पादों के प्रति सम्मान की भावना को प्रबल करती हैं। तथा विशिष्ट अतिथि केडीबी सदस्य अशोक रोशा रहे।