शाहाबाद। संगठन विस्तार और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर शिरोमणि अकाली दल की 19 सितंबर को कुरुक्षेत्र में होने वाली राज्य स्तरीय बैठक से पहले शाहाबाद में पार्टी के भीतर विरोध के सुर भी उठने लगे हैं। शाहाबाद शहरी इकाई के प्रधान मंजीत सिंह ने बुधवार शाम अपने कार्यालय में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सिख संगत के गणमान्य सदस्यों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि वह कार्यकर्ताओं के साथ कुरुक्षेत्र में होने वाली इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
मंजीत सिंह ने पार्टी में अपनी अनदेखी को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से शिरोमणि अकाली दल के समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी के लिए काम करते आ रहे हैं। उनकी निष्ठा को देखते हुए हरियाणा सिख पंथक दल की ओर से उन्हें एचएसजीएमसी चुनाव में वार्ड-13 से उम्मीदवार भी बनाया गया था।
शाहाबाद में पार्टी के प्रतिनिधि होने के कारण सिख संगत अपने छोटे-बड़े कार्यों को लेकर उनके पास पहुंचती है। वह संगत की समस्याओं और मांगों को पार्टी के उच्च स्तर तक पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी सिफारिशों और बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि प्रभावित हो रही है, बल्कि संगत में भी निराशा पैदा हो रही है।
मंजीत सिंह ने एसजीपीसी द्वारा संचालित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, शाहाबाद के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान लोगों के बीच चैरिटेबल अस्पताल में सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की बातें कही गई थीं। उनके अनुसार, इन मुद्दों पर अपेक्षित स्तर पर अमल नहीं हो रहा है। अब उन्होंने तय किया है कि 19 सितंबर की कुरुक्षेत्र बैठक में शामिल नहीं होंगे। जल्द ही वह शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर हरियाणा में पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी और स्थानीय स्तर की समस्याओं से अवगत कराएंगे। बैठक में जगजीत सिंह मक्क्ड़, हरदेव सिंह, कश्मीर सिंह, हरभजन सिंह, परमजीत सिंह, महिंद्र सिंह, कुलदीप सिंह ढ़िल्लो, निरंजन सिंह सेतिया, मलकीत सिंह, सोहन सिंह, दलविंदर सिंह, कश्मीर सिंह, मोहन सिंह, गुरमीत सिंह मक्क्ड़ आदि मौजूद रहे।