कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की है। यह योजना लोहार, सुनार, कुम्हार, बढ़ई और दर्जी जैसे 18 पारंपरिक कामगारों के लिए है। इसका उद्देश्य उनके हुनर को आगे बढ़ाना और कारोबार को मजबूत करना है। योजना के तहत कारीगरों को आर्थिक सहायता और आधुनिक औजारों के लिए मदद दी जाएगी। उनके उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाने में भी सहयोग मिलेगा।
इस योजना में नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, मूर्तिकार और नाई जैसे कारीगर शामिल हैं। डीसी विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि यह योजना कारीगरों के कौशल को पहचान देगी। इसका लक्ष्य उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। कारीगरों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने तथा उनकी उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्तीय सहायता और पंजीकरण
पात्र कारीगरों को 15 हजार रुपये तक की टूलकिट सहायता और प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का वजीफा मिलेगा। उन्हें तीन लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी सहायता दी जाएगी। आवेदक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से योजना के पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल सत्यापन और आधार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।