कुरुक्षेत्र। वार्ड-20 में कथा के दौरान आरती करते बंसल परिवार से विनय, उनकी धर्मपत्नी एवं अन्य श
कुरुक्षेत्र। वार्ड-20 के गुरुदेव नगर में जय मां दुर्गा-जय श्री महाकाल ट्रस्ट की ओर से पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा कराई जा रही है। कथा के चतुर्थ दिवस पर कथाव्यास ने भगवान विष्णु के सभी अवतारों का वर्णन भजनों सहित विस्तार से सुनाया। मंच पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं झांकियों के साथ दिखाई गईं। काशी से सनातन शास्त्र मर्मज्ञ संत गुरुचरण दास, पिहोवा से आचार्य अभिषेक कुश ज्योतिषी और वेदाचार्य अनिल शास्त्री ने भी मंच से पुरुषोत्तम मास महिमा सहित भागवत चर्चा की।
भागवत प्रवचनों में कथाव्यास पंडित विकास कौशिक ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण में भगवान विष्णु की लीलाओं और धर्म की रक्षा के लिए विभिन्न अवतारों का विस्तृत वर्णन मिलता है। भागवत में भगवान के अनगिनत अवतार बताए गए हैं लेकिन मुख्य रूप से 24 अवतारों का उल्लेख है। इनमें प्रमुख अवतार (दशावतार) जगत की रक्षा और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए विष्णु जी ने लिए। प्रलय काल में वेदों की रक्षा और सप्तर्षियों की नौका को बचाने के लिए भगवान ने मत्स्य अवतार लिया। समुद्र मंथन के समय मंद्राचल पर्वत को अपनी पीठ पर धारण करने के लिए कूर्म अवतार लिया।
राजा बलि के अहंकार को नष्ट करने और तीनों लोकों को देवताओं को वापस दिलाने के लिए ब्राह्मण बटुक का रूप लेकर वामन अवतार लिया। पृथ्वी से अहंकारी और अत्याचारी क्षत्रियों का नाश करने के लिए भगवान परशुराम के रूप में अवतार लिया। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के रूप में जन्म लेकर लंकापति रावण का वध किया और आदर्श राज्य की स्थापना की। द्वापर युग के दुष्टों कंस और शिशुपाल का विनाश करने और महाभारत के युद्ध में गीता का उपदेश देने के लिए श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित हुए। कथा से पूर्व मुख्य यजमान और ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित राजेश मौद्गिल और अंकुश गुप्ता ने भागवत पूजन करके संतों का सत्कार किया। भागवत आरती में रमेश कौशिक, अटल शर्मा, ललित अत्री, गोपाल शर्मा, मनोज गुप्ता, विनय बंसल, अशोक गर्ग, रवि गाबा, राहुल तंवर, नरेश सैनी, सदानंद शर्मा, गुरमुख सिंह, सन्नी राणा, संजीव, प्रदीप, मोहित शर्मा, हर्षित, रक्षित, नमन और मनन सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल रहे।