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गीतामयी होंगे गांव, बच्चे-बच्चे की जुबां पर गूंजेंगे श्लोक

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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से राजभवन में गीता के प्रचार-प्रसार को लेकर योजना पर चर्चा करते हुए क? - फोटो : Kurukshetra
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सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र। किसी भी गांव में जाते ही पवित्र ग्रंथ गीता का आभास होगा। बच्चे-बच्चे की जुबां से गीता के श्लोक निकलेंगे। पूरे गांव का माहौल गीतामयी होगी। गीता की पूजा होगी तो इसके दिखाए मार्ग पर लोग चलते दिखाई देेंगे। हर चौक-चौराहे पर गीता के बारे में चर्चा होगी तो स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी गीता पर कार्यक्रम होंगे।
जी, हां तय योजना सिरे चढ़ी तो ऐसा ही प्रदेश के हर गांव का नजारा दिखाई देने वाला है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) की ओर से धर्मनगरी के 60 गांवों से पहल की जा रही है, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा। केडीबी के साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, नेेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र के अलावा गीता ज्ञान संस्थानम सहित अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं भी यह माहौल बनाने में सहयोग करेंगी।
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गीता के संदेश के जरिये लोगों के जीवन में यह बदलाव लाने का विजन राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय का है, इस पर उन्होंने वीरवार को केडीबी अधिकारियों से खुलकर चर्चा की और दिशा निर्देश भी दिए। इसके बाद केडीबी ने भी रूपरेखा पर कार्य करना शुरू कर दिया है। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छबड़ा का कहना है कि राज्यपाल एवं केडीबी अध्यक्ष बंडारु दत्तात्रेय के साथ वीरवार को विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले एक वर्ष के दौरान ही कुरुक्षेत्र के 60 गांवों को गीतामयी बनाना होगा। इसके लिए उन्होंने पूरा खाका भी रखा।
अगले वर्ष होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में इसका असर दिखाई देगा। ये गाव महोत्सव में भागीदारी करते दिखाई देंगे और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे। इन गांवों के लोगों को अगले वर्ष गीता महोत्सव में शामिल करेंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड शुरूआत में ऐसे बच्चों और ग्रामीणों को चिह्नित करेगा, जो वर्तमान में गीता को बढ़ावा देने में लगे हैं। केडीबी की ओर से उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। स्कूलों में स्टाफ व बच्चों के साथ मिलकर गीता पर कार्यक्रम कराए जाएंगे। संवाद
गीता के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना लक्ष्य : छाबड़ा
डीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि राज्यपाल के इस विजन के पीछे गीता के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है, ताकि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। राज्यपाल खुद भी पवित्र धर्मग्रंथ गीता से बेहद प्रभावित है। उनका कहना है कि गीता के हर संदेश का मतलब हर व्यक्ति को मालूम होना चाहिए और उस पर वह अमल करे।
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ज्योतिसर है गीता की जन्मस्थली
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में गीता का संदेश भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को दिया था, जिसके चलते ज्योतिसर को गीता की जन्मस्थली कहा जाता है।
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