कुरुक्षेत्र से करीब 30 किलोमीटर दूर गांव बेरथली की ग्राम पंचायत ने अपने गांव को कोरोना वायरस से बचाकर रखने के लिए रिश्तेदार को भी प्रवेश न देने का संकल्प लिया है। इतना ही नहीं ग्रामीणों की फल सब्जियों की कमी को भी पूरा करने के लिए 3 युवकों की डयूटी लगाई है। यह युवक रोजाना सब्जी मंडी से सब्जी और फल लाकर घर-घर जाकर लोगों को फल और सब्जियां मुहैया करवा रहे है। इससे लॉकडाउन की पूर्णत: पालना की जा रही है। अहम पहलू यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अपील पर ग्रामीणों ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।
सरपंच सुनीता देवी के आहवान पर 24 मार्च से ही गांव के लोग लॉकडाउन का पालन करने के साथ-साथ सामाजिक दूरियां बनाए रखे हुए है। सरपंच के आहवान पर कोरोना वायरस की रोकथाम एंव वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए ग्राम पंचायत बेरथली ने कई महत्वपूण निर्णय लिए गए है। इन निर्णयों के समस्त ग्राम पंचायत द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है गांव में कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश नही करेगा और ना ही कोई रिश्तेदार लाकडाउन की अवधि के समय कोई भी गांव आएगा।