कुरुक्षेत्र। हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर तट पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। विज्ञप्
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर मातृभूमि सेवा मिशन के सहयोग में मातृभूमि शिक्षा मंदिर द्वारा नव संवत्सर अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डाॅ. श्रीप्रकाश मिश्र ने बताया कि प्राचीन भारतीय कालगणना आधारित विक्रम संवत विश्व का वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित प्रथम पंचांग है।
शास्त्रों के अनुसार ब्रह्माजी ने इस दिन संपूर्ण सृष्टि और लोको का सृजन किया था और इसी दिन भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार भी हुआ था। भारत में विक्रम संवत, जिसे उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने 56 ईसा पूर्व शुरू किया, जो चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से शुरू होता है। इसे सभी सनातन धर्म के मानने वाले नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। इसी दिन से नया पंचांग शुरू होता है। मंदिर के विद्यार्थियों ने विक्रम संवत 2082 के प्रथम सूर्योदय की किरणों का स्वागत एवं अभिनंदन वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि से जलाभिषेक करते हुए सर्व मंगल की प्रार्थना से किया।