कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में विजय तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह आयोजन छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग द्वारा राष्ट्र प्रथम अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें भारतीय सेना के पराक्रम, साहस और समर्पण को सलामी दी गई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इसे राष्ट्र की एकता, सैन्य सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक बताया।
विजय तिरंगा यात्रा विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय प्रांगण से शुरू होकर विभिन्न विभागों, संस्थानों और पुस्तकालयों से होती हुई पूरे परिसर में घूमी। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् जैसे नारों से पूरा विश्वविद्यालय गूंज उठा। छात्रों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, एनएसएस, एनसीसी और रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह से भाग लिया।
कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक सूझबूझ और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस ऑपरेशन ने आतंकवाद को उसकी जमीन पर जवाब देते हुए यह सिद्ध किया कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है। यह सफलता न केवल सैन्य विजय है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सख्त और संतुलित छवि भी पेश करती है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन वीर सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने देश की रक्षा में अद्वितीय साहस दिखाया। यह युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रकट करेगी। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।