कुरुक्षेत्र। सीआईए-एक ने लग्जरी गाड़ियों के चेसिस व नंबर प्लेट बदलकर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी तलविंद्र सिंह निवासी नया गांव जिला संगरूर पंजाब के कब्जे से चोरीशुदा तीन फॉर्च्यूनर समेत चार गाड़ियां बरामद हुईं। गिरोह के लोग कंडम गाड़ियों का चेसिस व नंबर प्लेट चोरीशुदा गाड़ियों पर लगाकर बेच देते थे।
पत्रकार वार्ता में सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने छह सितंबर को गुप्त सूचना पर तलविंद्र सिंह को सेक्टर-तीन/30 के पास से फॉर्च्यूनर गाड़ी समेत काबू किया था। आरोपी फर्जी नंबर लगी इस गाड़ी को बेचने की फिराक में घूम रहा था। इस नंबर की फॉर्च्यूनर गाड़ी को पंजाब स्पेशल सेल ने मोहाली से बरामद कर लिया था। इसमें पंजाब स्पेशल सेल ने आरोपी रमेश कुमार निवासी गांव सीसर खास और अमित निवासी बढाली जिला रोहतक को गिरफ्तार किया था। आरोपी बड़े स्तर पर गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलकर बेचते थे। तलविंद्र सिंह का रमेश कुमार से संपर्क था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया था।
बेचने के लिए खड़ी थी चार गाड़ी
प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी तलविंद्र ने कबूला कि उसके गिरोह में रमेश कुमार और अमित कुमार के साथ-साथ 14 लोग शामिल है। रमेश व अमित ने उसे चोरीशुदा तीन फॉर्च्यूनर समेत चार गाड़ियां बेचने के उसे दी थी। उसे एक गाड़ी बेचने पर तीन लाख रुपये के करीब कमीशन मिलता था।
कंडम गाड़ी का चेसिस नंबर आता था काम
सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी चोरी की गाड़ी का चेसिस और नंबर प्लेट बदलने के लिए कंडम गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। आरोपी अलग-अलग जगह से मॉडल और रंग के मुताबिक कंडम गाड़ी सस्ते दाम पर खरीदते थे। उसके बाद साथियों की मदद से उस कंडम गाड़ी का चेसिस व नंबर प्लेट चोरीशुदा गाड़ी पर लगाकर बेच देते थे। जल्द ही पंजाब से गिरोह के मुख्य सरगना रमेश व अमित को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी।