कुरुक्षेत्र। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में होटल व रेस्तरां संचालकों का भी अहम योगदान रहेगा। होटल व रेस्तरां मालिकों को गीले व सूखे कचरे का नियमानुसार निस्तारण करना होगा। इसके लिए बकायदा प्रशासन के समक्ष प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा। यही नहीं अब होटलों में प्लास्टिक का प्रयोग करना भी भारी पड़ेगा। ऐसा पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। उक्त जानकारी जिला नगर आयुक्त पंकज सेतिया ने दी।
डीएमसी पंकज सेतिया शुक्रवार को डीएमसी कार्यालय में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ-साथ होटल व रेस्तरां संचालकों की एक संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले डीएमसी पंकज सेतिया ने होटल संचालकों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के चीफ वार्डन से शहर की स्वच्छता के बारे में फीडबैक ली और होटलों और होस्टल से गीले और सूखे कचरे के बारे में विस्तार से जानकारी ली है।
डीएमसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार और उपायुक्त नेहा सिंह के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य लगातार किया जा रहा है लेकिन इसमें होटल संचालकों तथा शिक्षण संस्थानों के सहयोग की निहायत जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों को नियमानुसार गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग प्रबंधन करना है और प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना होगा।
अगर चेकिंग के दौरान प्लास्टिक का प्रयोग करते हुए पाए गए तो नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग करने पर सरकार द्वारा निर्धारित जुर्माना भी लगाया जाएगा। डीएमसी ने कहा कि होटल संचालकों को गीले और सूखे कचरे का निस्तारण करने बाबत प्रमाणपत्र भी देना होगा। इस मौके पर विजय बजाज, राजेंद्र कुमार, मार्किट कमेटी सचिव हरजीत सिंह, रमेश सचदेवा, सफाई निरीक्षक राजबीर, पिपली पैराकीट रवि सिंह, गुरुकुल के चीफ वार्डन संजीव आर्य, नीलकंठी से विरेंद्र सिंह, नगर परिषद सचिव अशोक डांगी, कानूनी सहायक केएल बठला, ईआईसी विशेषज्ञ सीमा, प्रियंक बजाज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।