कुरुक्षेत्र। केयू के गृहविज्ञान विभाग ने 2023 को यूएन ईयर ऑफ मिलेट्स के रूप में चिन्हित करने के लिए बुधवार को मिलेटस आधारित (मोटा अनाज) कैफेटेरिया का आयोजन किया, जिसमें रागी लड्डू, फॉक्स टेल बाजरा हलवा, खीर, दही भल्ले, कूडो खिचड़ी, पापड़, नमकीन, लस्सी सहित मिलेटस से बने सोलह खाद्य पदार्थ शामिल रहे। केयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और डॉ. ममता सचदेवा ने मिलेटस प्लैटर कैफेटेरिया का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों, वैज्ञानिकों और कृषिविदों से खाद्य सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के मुद्दे के समाधान के लिए मिलेटस आधारित खेती और खपत को अपनाने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि मिलेटस का उत्पादन शुष्क जलवायु क्षेत्रों में किया जा सकता है, जो अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में आबादी के बड़े हिस्से में भूख और कुपोषण के मुद्दे का हल कर सकता है। तेजी से बढ़ती वैश्विक आबादी को खिलाने के लिए दुनिया को और अधिक भोजन का उत्पादन करने की जरूरत है, जो 2030 तक 8.5 बिलियन तक पहुंचने और 2050 तक 9.7 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। कोरोना के बाद मिलेटस खाद्य पदार्थ एक इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में उभरे हैं और सुपर फूड की तरह प्रचलित हो रहे हैं।
गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. तरविंदर जीत कौर ने बताया कि विभाग के सभी छात्र और शोधार्थी शिक्षकों के मार्गदर्शन में मिलेटस आधारित कैफेटेरिया का आयोजन कर रहे हैं। विकसित व्यंजनों का दैनिक दिनचर्या में सेवन करने से औषधीय लाभों के साथ बहुत सारे पोषण लाभ मिलते हैं। इस मौके पर डीन लाइफ साइंस प्रो. जितेंद्र शर्मा, लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. तरविंदर जीत कौर, प्रो. नीरा राघव, उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. सुनीता दलाल, डॉ. सुमन, समृद्धि, महक सहित अन्य मौजूद रहे।