कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा 25 जुलाई तक तीन एचपी सरफेस (मोनोब्लोक), 7.5 एचपी (सबमर्सिबल) व 10 एचपी (सबमर्सिबल) क्षमता के सोलर वाटर पंप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पुराने सभी आवेदकों को (20 फरवरी से पांच मार्च तक के आवेदकों को छोड़कर) जिन्होंने अपना लाभार्थी हिस्सा नहीं जमा करवाया है, सभी को नए सिरे से आवेदन करना होगा। जिन आवेदकों ने 20 फरवरी से पांच मार्च तक आवेदन किया था उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है वे अपने पुराने आवेदन से प्राप्त चालान के अनुसार अपना लाभार्थी हिस्सा जमा करवाएं।
एडीसी डाॅ. वैशाली शर्मा ने कहा कि इस योजना के तहत केवल वही आवेदक, किसान पात्र होंगे जो सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करेगा, जिनमें आवेदक के परिवार (परिवार पहचान पत्र) के नाम पर सोलर का कनेक्शन न हो, आवेदक के नाम बिजली आधारित पंप न हो तथा उसके नाम पर जमीन हो। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार उन गांव में जहां भूजल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे की टपका सिंचाई विधि या फव्वारा सिंचाई विधि की स्थापना अनिवार्य है।