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Kurukshetra News: बुहावी गांव में महिला समेत दो लोग मिले हेपेटाइटिस पॉजिटिव

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कुरुक्षेत्र। गांव में जांच के लिए अपनी टीम के साथ पहुंचे डॉ. प्रदीप कुमार। संवाद
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कुरुक्षेत्र। बुहावी गांव में एक महिला समेत दो लोगों के हेपेटाइटिस के सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छह लोगों के सैंपल लेकर उसे हेपेटाइटिस-ए और ई की जांच के लिए करनाल भेजे थे। इसमें 35 वर्षीय महिला हेपेटाइटिस-ए और युवक हेपेटाइटिस-ई पॉजिटिव पाया गया।
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उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में मंदिर वाली गली के पास पेयजल की पाइप लाइन की जांच कराई। पाइप में लीकेज की आशंका के चलते टीम ने तुरंत मामले की सूचना जन-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाई। सूचना पर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में खोदाई कराकर जांच कराई गई, जिसमें पाइप में एक जगह से लीकेज मिली। उसे जन-स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत दुरुस्त करवा दिया।
बुहावी गांव में चार दिन पहले मंगलवार को डायरिया के 18 मामले सामने आए थे, जिनका निजी व सरकारी अस्पताल उपचार चल रहा था। मामला उजागर होने पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया और गांव की आंगनबाड़ी में शिविर लगाकर जांच शुरू कर दी। जांच के बाद कुल डायरिया के 22 मामले सामने आए। हेपेटाइटिस फैलने की आशंका को देखते हुए विभाग ने जांच के लिए छह सैंपल भेजे, जिसमें दो लोगों में हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई।
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फिलहाल डायरिया की चपेट में आए 22 लोगों में से 18 लोग रिकवर कर गए हैं। अभी इन चार लोगों को निजी व सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि हेपेटाइटिस से ग्रस्त दोनों लोगों को भी उपचार दिया जा रहा है। विभाग की टीम गांव में बीमार लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। गांव में दो जगह से पेयजल की पाइप में लीकेज मिल चुकी है। इसलिए विभाग की टीम क्लोरीन की गोलियां घर-घर जाकर बांट रही है।

पानी की बीटी जांच के लिए दो और सैंपल
विभाग की टीम लीकेज वाली जगह से पानी की बीटी (बैक्टीरियल टेस्ट) जांच के लिए दो और सैंपल लिए हैं। उनको जांच के लिए लैब भेजा गया। इससे पहले टीम ने गांव से पानी के बीटी जांच के पांच सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जांच के बाद चार सैंपल फेल हो गए थे। जांच की रिपोर्ट आने तक लोगों को उबालकर और क्लोरीन की दवा से पानी साफ करके पीने की सलाह दी गई है।


सेक्टर-तीन गर्भवती समेत तीन की हुई थी मौत
साल 2020 में सेक्टर-तीन में पीलिया फैलने से एक गर्भवती समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया से मौत की पुष्टि नहीं की थी, मगर सेक्टर में पेयजल पाइप लाइन को जांचा गया तो उसमें कई जगह लीकेज मिली थी। इसमें सरकार ने खुद संज्ञान लेते हुए पूरी पाइप लाइन को बदलवा दिया था। साथ ही जन-स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों व कर्मियाें के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

विभाग की एक टीम पूरे गांव पर रख रही नजर : डॉ. प्रदीप कुमार
जिला मलेरिया एवं सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग की टीम गांव के हालात पर निगरानी रखे हुए हैं। हेपेटाइटिस से ग्रसित दोनों रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। डायरिया के 22 में से 18 मरीज रिकवर हो चुके हैं, जबकि चार का उपचार चल रहा है। पेयजल की जांच के लिए जन-स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। वह खुद भी मौके पर जाकर स्थिति की जांच कर रहे हैं। लोगों को क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही है।

हेपेटाइटिस में ए और ई में अंतर
हेपेटाइटिस- ए रोगी के लीवर को प्रभावित करता है। यह यकृत के सूजन का कारण बनता है, जबकि हेपेटाइटिस-ई रोगी के लीवर में सूजन और क्षति का कारण बनता है। सूजन से अन्य अगों को भी नुकसान पहुंचाता है।

कुरुक्षेत्र। गांव में जांच के लिए अपनी टीम के साथ पहुंचे डॉ. प्रदीप कुमार। संवाद

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