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Kurukshetra News: दो दिन की लीपापोती आई काम, अस्पताल के निरीक्षण में अतिरिक्त मुख्य सचिव को नहीं मिली खामियां

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कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें किसी प्रकार की कोई खामी नहीं मिली और वे पूर्ण रूप से संतुष्ट नजर आए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन विभाग से लेकर अस्पताल के तीसरे फ्लोर तक सभी विभागों को जांचा। हर विभाग में 15 से 20 मिनट का समय दिया और व्यवस्थाओं को जांचा व दाखिल मरीजों से उनका हाल जाना। अस्पताल प्रशासन को सचिव के दौरे की सूचना पहले से थी। इसलिए प्रशासन दो दिन से तैयारी में जुटा हुआ था।
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तीन दिन से अस्पताल प्रशासन अपनी खामियों को दुरुस्त करने में लगा रहा। अवकाश के बावजूद कुछ कर्मचारी शनिवार व रविवार को भी ड्यूटी पर पहुंचे। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों व कर्मचारियों में मुख्य अतिरिक्त सचिव के आने को लेकर प्रशासन में अफरातफरी का माहौल बना रहा। दो दिन की लीपापोती के बाद भी अधिकारियों व कर्मचारियों को डर सता रहा था कि पिछली बार की तरह कहीं इस बार भी फटकार न पड़े, परंतु अस्पताल प्रशासन की दो दिन पहले ही व्यवस्था दुरुस्त कर ली थी। यही कारण रहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सबकुछ ठीक दिखा। प्रशासन ने सभी सुविधाओं को व्यवस्थित किया, जिससे निजी अस्पताल जैसा नजारा दिखाई दिया। यह देख दाखिल व उपचार लेने आए मरीज यह कहते हुए नजर आए कि काश ऐसी सुविधा हर रोज मिले। इन सुविधाओं के लिए मरीजों ने उम्मीद जताई कि यह सारी सुविधा और व्यवस्था आगे निरंतर जारी रहेगी।


मरम्मत व व्यवस्थाओं के लिए दिए दो करोड़
सचिव ने अस्पताल की मरम्मत व अन्य सामान की खरीदारी के लिए अस्पताल प्रशासन को दो करोड़ रुपये की सौगात दी। सचिव ने कहा अस्पताल प्रशासन इसे अपनी मर्जी के तहत खर्च कर सकते हैं। वहीं उन्होंने अस्पताल में रिक्त पड़े चिकित्सकों व ईएमटी के पदों को भी जल्द भरे जाने की बात कही।
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दौरा महज एक औपचारिकता दिखा, सचिव सवालों को टालते रहे
सचिव सुधीर राजपाल का डेढ़ घंटे तक चला दौरा महज औपचारिकता ही दिखा। डेढ़ घंटे के निरीक्षण में एक भी खामी पकड़ में नहीं आई या फिर दरकिनार की गई। वहीं पत्रकारों ने जब खामियां गिनवाईं तो उनके सवालों को दरकिनार करते दिखाई दिए। कोरोना के दूसरे जिलों में आए मामलों के बावजूद जिले में अभी तक विभाग जांच शुरू नहीं कर पाने पर भी चुप्पी साध गए। सिविल सर्जन इसका जवाब देते हुए बोले कि सैंपलिंग शुरू कर दी लेकिन वे भी अब तक के आंकड़े नहीं बता पाए। वहीं वेंटिलेटर की सुविधा सुचारू न होने को भी दरकिनार कर दिया। निरीक्षण के दौरान वार्डों में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे हुए दिखाई दिए। इस पर भी सचिव ने जगह कम होने का हवाला दिया।
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