कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर पर रविवार को भी सजी दुकानों पर खरीदारी करते पर्यटक। संवाद
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के संपन्न होने के दो दिन बाद भी रविवार को पवित्र ब्रह्मसरोवर पर शिल्प व सरस मेले जैसा माहौल बना रहा। अनेक शिल्पकार दिनभर दुकानें जमाए रहे और पर्यटकों ने भी जमकर खरीदारी की। सुबह से ही ब्रह्मसरोवर तटों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी थी जिसकी खरीद में रुची को देख शिल्पकारों के चेहरे खिले रहे।
मेले के बाद भी दो दिन शनिवार व रविवार को लाखों की बिक्री मानी जा रही है। शिल्पकार भी बचे सामान को अपने साथ ले जाने के बजाय सस्ते दामों में बेचने में लगे रहे। 15 नवंबर से शुरू हुआ महोत्सव शुक्रवार 5 दिसंबर को संपन्न हो गया था। शुक्रवार शाम को ही केडीबी प्रशासन की ओर से तय समय रात 10 बजे दुकानें बंद करने व अब सामान उठा लेने के लिए माइक के जरिये निर्देशित किया जाता रहा।
हालांकि अगले दिन शनिवार को भी प्रशासन की ओर से शिल्पकारों को बार-बार स्टॉलें खाली कर देने को कहा गया लेकिन रविवार को भी 100 से ज्यादा शिल्पकार जमे रहे और खरीदारी के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही।
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर पर रविवार को भी सजी दुकानों पर खरीदारी करते पर्यटक। संवाद