कुरुक्षेत्र। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय केंद्र सरकार की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत देशभर में कारीगरों को तकनीकी व मार्केटिंग सहयोग प्रदान करने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी शृंखला में 29 से 30 नवंबर तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गुलजारी लाल नंदा केंद्र में दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
सहायक निदेशक मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विश्वकर्मा कारीगरों को एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने कौशल, उत्पादों और सेवाओं को व्यापक पहचान दिला सकें। विशेष प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें विश्वकर्मा कारीगरों की ओर से निर्मित मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जुत्ती, खिलौने, मंगाली की माला, टोकरी, चटाइयां, कान्हा जी की पोशाक, सूट, लहंगा, बेडशीट, सजावटी मंदिर, कृत्रिम आभूषण जैसे उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
मेले में ई-कॉमर्स/जीइएम मार्केटिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, उत्पाद डिजाइन और डिजिटल भुगतान (क्यूआर कोड) पर भी विशेषज्ञों की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदर्शनी में कुल 100 स्टॉल बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री सीधे ग्राहकों और खरीदारों के समक्ष कर सकेंगे। प्रतिभागियों को दो दिनों के लिए पांच सौ रुपये प्रतिदिन भत्ता, एक हजार यात्रा भत्ता और एक हजार सहायक राशि भी प्रदान की जाएगी। साथ ही भोजन व ठहरने की व्यवस्था भी पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी जिससे प्रतिभागी बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने कार्य पर पूरी तरह ध्यान दे सकेंगे। इच्छुक लाभार्थी निर्धारित समय में एमएसएमई कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।