संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र /शाहाबाद। मारकंडा पुल पर किसानों को दिल्ली कूच करने से रोकने के लिए लगाए गए बेरिकेड में बुधवार को घने कोहरे के चलते दो गाड़ियां भिड़ गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया, लेकिन चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो को गंभीर अवस्था के चलते एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया।
प्रशासन की ओर से किसानों को रोकने के लिए पिछले 10 दिनों से नेशनल हाईवे को बंद किया है। यहां तक कि मारकंडा नदी के पास कंकरीट की दीवारों के साथ-साथ बेरिकेडस व इससे आगे कीलों भी बिछाई गई है, लेकिन प्रशासन इन बेरिकड पर रिफलेक्टर टेप लगाना भूल गया और बुधवार सुबह कोहरे के चलते ये गाड़ियां भिड़ गई।
इनोवा क्रिस्टा चालक गुरदीप सिंह निवासी चंडीगढ़ ने बताया कि वह सवारियों को शिमला से लेकर दिल्ली के लिए चला था लेकिन जब वह तड़के साढ़े तीन बजे अंबाला-शाहाबाद रोड पर मारकंडा पुल पर पहुंचा तो पुल के शुरू में न कोई अवरोधक और न ही कोई रिफ्लेक्टर था और धुंध व अंधेरे के कारण आगे कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था। उसकी गाड़ी बेरिकेड के रूप में दीवार से जा टकराई।
वह हैरान था कि बीच हाईवे पर दीवार कैसे हो सकती है। गनीमत रही वह बच गया। वहीं दूसरा सड़क हादसा भी इसी जगह हुआ। जहां अस्थायी दीवार से टकराने से सुजूकी इसुजु गाड़ी में सवार दंपती अजय व एकता निवासी धर्मशाला हिमाचल घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल शाहाबाद लाया गया और वहां से गंभीर रूप से घायल अजय को एलएलजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया।
वहीं सेव-दी-रेड संस्था के अध्यक्ष डॉ. गुरपिंदरबीर सिंह ने बताया कि उन्हें सुबह ही पता चला कि मारकंडा नदी पर लगाए बेरिकेड पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं है, जिसके बाद दो गाड़ियां धुंध की वजह से उसमें टकरा गई। उन्होंने बताया कि अब से पहले उनकी टीम ने सिर्फ बड़े-छोटे वाहनों के पीछे ही रिफ्लेक्टर टेप लगाया है। उन्होंने बुधवार दोपहर अपनी टीम के साथ पुल के ऊपर बेरिकेट पर भी रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य किया, ताकि वाहन चालक चालक हादसे का शिकार होने से बच सके।