डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में चल रही बैठक का विरोध कर सिख संगत ने गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी की ओर कूच कर एचएसजीएमसी कार्यकारिणी को फैसला सुना दिया।
प्रबंध संभालने का मन बनाकर डेरा बाबा चरण सिंह पहुंचे करीब 350 सिखों ने बैठक में विचार-विमर्श का पुरजोर विरोध किया और कार्यकारिणी का फैसला आने से पहले ही जता दिया कि अब सेवा संभाल में देरी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे से जुटने लगी सिख संगत में सेवा संभालने की चर्चा जोरों से होती रही। जब जगदीश सिंह झींडा व दीदार सिंह नलवी सहित अन्य मेंबर संगत से विचार-विमर्श करने पहुंचे तो संगत ने जो बोले सो-निहाल सत्श्री अकाल का उद्घोष करते हुए सीधा गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही की ओर कूच करने का ऐलान किया।
लेकिन झींडा शांति की अपील करते नजर आए। संगत के आक्रोश को देखते हुए झींडा अन्य कमेटी मेंबरों को साथ लेकर निर्णय लेने के लिए चले गए।
संगत से कुछ समय तक प्रतीक्षा करने को कहा गया। काफी समय तक जब बैठक चलती रही और संगत को कोई भी फैसला सुनने को नहीं मिला, तो जोशिले उद्घोषों से संगत ने सेवा संभालने के लिए कूच कर दिया।
हालांकि उन्हें गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही से लगभग 50 मीटर पहले ही रोक लिया गया। उधर जब झींडा व अन्य मेंबरों को इस बात की भनक लगी, तो वे भी मौके पर पहुंचे।
जगदीश सिंह झींडा मजबूर होकर जब सड़क पर बैठी संगत के बीच पहुंचे तो उन्होंने दोबारा फिर शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन उन्हें संगत से कोई भी संतोषजनक जवाब सुनने को नहीं मिला। संगत ने साफ कह दिया कि अब सेवा संभालने में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
चक्कू अकेले ही निकल पड़े गुरुद्वारा साहिब की ओर
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के कार्यकारिणी मेंबर अवतार सिंह चक्कू अक्रोशित होकर अकेले ही गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही की ओर चल दिए।
उन्होंने अपने पास खडे़ कुछ सिखों से कहा कि अगर कोई नहीं आना चाहता, तो वह अकेले ही गुरुद्वारा साहिब में प्रबंध संभालने के लिए जा रहे हैं। यह कहते हुए वह डेरा बाबा चरण सिंह से चल दिए। लेकिन कुछ सिखों ने उन्हें गेट के पास ही रोक लिया।
पीछे हटें, तो 41 मेंबरी कमेटी करेगी आगे
एक ओर जहां जगदीश सिंह झींडा मेंबरों के साथ बैठक में विचार-विमर्श करते रहे। वहीं भीषण गर्मी में पसीने से तर-तर संगत में रोष पनपता रहा।
आखिर में संगत में 41 मेंबरों को प्रबंध संभालने के लिए आगे करने की चर्चा होने लगी। चर्चा के दौरान कुछ सिखों ने यहां तक कह डाला कि मेंबरों को आगे लगाओ और अगर ये पीछे हटें तो फिर वे उन्हें आगे ढकेलेंगे।
फैसला किण्णू सुनाना ऐ, जदो संगत ही नहीं रही
प्रबंध संभालने का मन बनाकर डेरा बाबा चरण सिंह पहुंचे एक सिख ने बैठक में बैठे एक मेंबर को फोन मिलाकर निर्णय लेने में देरी होने पर रोष जताया।
इस सिख ने उत्साहपूर्वक फोन पर कह दिया कि फैसला किण्णू सुनाना ऐ, जदो संगत ही नहीं रही, सारी संगत कब्जा लैण लयी आई ऐ, बैण नई।
करीब एक घंटे तक हुआ विचार-विमर्श
सुबह जैसे ही सिख संगत का आंकड़ा 300 के आसपास पहुंचा, तो जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी और अन्य मेंबर उनसे रूबरू हुए।
गुरुद्वारा साहिब के बेसमेंट हॉल में संगत के साथ कमेटी पदाधिकारियों ने करीब एक घंटे तक विचार-विमर्श किया। बावजूद इसके एक राय नहीं बनी।
इसी वजह से जगदीश सिंह झींडा और अन्य कमेटी मेंबर गुप्त बैठक करने के लिए डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा स्थित एक कमरे में चले गए।
दो घंटे के चलती रही बैठक
डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में जगदीश सिंह झींडा व अन्य मेंबरों की करीब दो घंटे तक बैठक चलती रही। इसी बीच कुछ समय के लिए जगदीश सिंह झींडा कमरे से बाहर जरूर आए और उन्होंने संगत को शांति बनाए रखने की अपील की। यह अपील करने के बाद झींडा फिर से मैंबरों को साथ लेकर कमरे में चले गए।
बैठक में ये मेंबर रहे उपस्थित
डेरा बाबा कारसेवा के कमरे में हुई गुप्त बैठक के दौरान जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, हरपाल सिंह पाली, अवतार सिंह चक्कू, भूपेंद्र सिंह असंध, स्वर्ण सिंह रतिया, जगदेव सिंह मटदादू, बाबा बलजीत सिंह दादूवाल, बाबा गुरमीत सिंह, मोहनजीत सिंह, जोगा सिंह बैठक में उपस्थित रहे।