कुरुक्षेत्र। हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए आंदोलन की अगुवाई करने वाले सिख नेता जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से पुनर्विचार याचिका पर जो फैसला दिया गया है, उससे सच की जीत हुई है और बेईमान लोगों को करारी शिकस्त मिली है। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब और अब एसजीपीसी को तोड़ने के जिम्मेदार अकाली एवं बादल परिवार हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के सिखों को हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन करने से कोई रोक नहीं सकता।
बादल परिवार पर निशाना साधते हुए झींडा ने कहा उन्होंने पहले पंजाब प्रांत के टुकड़े किए और अब एसजीपीसी को बांट दिया। वे पहले हरियाणा के गुरुद्वारों को लेकर पावर अटार्नी की मांग करते रहे, लेकिन बादल परिवार इस पर सहमत नहीं हुआ। इस कारण हरियाणा की संगत को अपने अधिकार के लिए 22 साल तक लड़ाई लड़नी पड़ी। अकालियों ने नजरें गुरुद्वारों के गोल्लक पर रही, लेकिन अब सच की जीत हुई है।
बादल परिवार के टूटे सपने, सरकार छह माह में चुनाव करा बनाए नई कमेटी : नलवी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एचएसजीपीसी के सदस्य एवं वरिष्ठ सिख नेता दीदार सिंह नलवी का कहना है कि हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाए जाने के विरोध में एसजीपीसी की ओर से दायर की गई पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट की ओर से खारिज किए जाते ही बादल परिवार के सपने टूट गए। बादल परिवार का प्लान था कि हरियाणा की अलग कमेटी न बन पाए। अब हरियाणा के सिखों की सही फतेह हुई है।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को अगले छह माह में चुनाव करवाकर नई कमेटी का गठन कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द वे संगत को साथ लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राज्य चुनाव आयोग से मिलेंगे तथा छह माह के भीतर एचएसजीपीसी के चुनाव की मांग करेंगे। उन्होंने बाबा कर्मजीत सिंह की अगुवाई में बनी कमेटी को निशाने पर लेते हुए कहा कि सिख इसे पहले ही खारिज कर चुके हैं। यही कारण है कि 21 दिसंबर को शपथ लिए जाने के बावजूद आज तक यह कमेटी गुरुद्वारों का प्रबंधन नहीं संभाल सकी।