कुरुक्षेत्र। सर्दी का सितम जारी है। कोहरा जहां लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर रहा है तो वहीं शीतलहर भी सता रही है। लगातार गिर रहे तापमान से गलन भरी ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है। हालांकि दिन के समय हल्की धूप निकल रही है लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मंगलवार की सुबह भी लोगों का सामना घने कोहरे से हुआ। सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब रही, हालांकि दिन चढ़ते ही कोहरा कुछ कम हुआ और दृश्यता 10 से 15 मीटर पर आ गई।
राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर कोहरा छंटने का इंतजार किया। सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार गिरते तापमान और करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली शीतलहर के चलते ठंड का असर और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि 19 और 20 जनवरी को क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
दो महिलाएं हुईं हादसे का शिकार
लाडवा रोड पर एक कार की चपेट में आने से सुबह करीब सात बजे दो महिलाएं घायल हो गई। दोनों महिलाएं गांव मथाना के समीप स्थित एक निजी स्कूल की कर्मी बताई जा रही है। वे सुबह पैदल ही गांव से अपने काम पर जा रही थी। हादसा कोहरे के कारण ही माना जा रहा है। हादसे के बाद कार सड़क किनारे गड्डों में जाकर रुकी तो वहीं घायल महिलाओं को तत्काल ही ऑटो के जरिए अस्पताल ले जाया गया। उधर इस घटना के संबंध में देर रात तक भी पुलिस द्वारा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।
स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हवा, 171 पहुंचा प्रदूषण का स्तर
कुरुक्षेत्र। मंगलवार को जिले में वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक बना हुआ है। मंगलवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 171 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सोमवार को यह 190 था। इस प्रकार 24 घंटे के भीतर प्रदूषण के स्तर में 19 पायदान की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि इसमें आई कमी से लोगों को आंशिक राहत जरूर मिली, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक की श्रेणी में आता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि 100 एक्यूआई तक वायु गुणवत्ता को स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है। 100 से ऊपर जाते ही प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों पर दिखने लगता है। 171 एक्यूआई पर आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम से बचने, मास्क का प्रयोग करने और प्रदूषण कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की सलाह दी है। प्रशासन से भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।