संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भारतीय इतिहास संकलन समिति जिला इकाई एवं बालकुलम शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में ट्राईबल एक्ट का आदिवासी जीवन एवं वनों पर प्रभाव विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने आदिवासियों को हमारे समाज की धरोहर बताया।
गोष्ठी के शुभारंभ पर मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गया। डॉ. प्रशांत शर्मा ने डॉ. कलाम के जीवन से जुड़े कई दृष्टांत सांझा किए। मुख्यातिथि डॉ. नरेश कुमार कुलसचिव कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र रहे। मुख्य वक्ता रायगढ़, महाराष्ट्र से वन अधिकारी डॉ. नीलेश देवीदास चांदोलकर ने अपनी शोध पुस्तक के माध्यम से जनजातीय जीवन में सामाजिक, आर्थिक, सांसारिक तथा व्यक्तिगत पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। मानद उपाधि से विभूषित डॉ. नीलेश चांदोरकर की पुस्तक ट्राईबल एक्ट 2006 एवं उसका थाने फॉरेस्ट सर्कल फॉरेस्ट भूमि पर प्रभाव का विमोचन किया।
मुख्यातिथि डॉ. नरेश ने जनजातीय समुदाय की जीवन शैली पर प्रकाश डाला तथा शुद्ध वातावरण जल जंगल और जमीन से उनका जीवन कैसे समरसता पूर्वक होता है, विस्तार पूर्वक बताया। प्रांत संगठन सचिव इतिहास संकलन समिति के वरिष्ठ सदस्य कुलदीप चंद गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सभा के महासचिव राजेंद्र जोशी, शिक्षाविद नवल किशोर नवल एडवोकेट, हरिराम पूर्व प्राचार्य, अजमेर धीमान, डॉ. अनिल कौशिक, जयपाल, डॉक्टर सौरव त्रिखा, राजेश शर्मा, डॉक्टर सुभाष चंद्र कोषाध्यक्ष इतिहास संकलन समिति, प्रदीप सिंह, संदीप भारद्वाज, महेंद्र पाल शास्त्री, डॉक्टर नीरज वर्मा, सुभाष गर्ग, योगेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।