संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मंडियों में धान की आवक कम होने लगी है, जिसके चलते अधिकारी भी राहत की सांस लेते दिखाई देने लगे हैं। अधिकारियों के लिए अभी मंडियों में अभी भी धान उठान चुनौती बना हुआ है।
जिले मंडियों व खरीद केंद्रों पर शनिवार तक एजेंसियों ने 9 लाख 61 हजार 41 मीट्रिक टन धान की खरीद की, जिसमें से आठ लाख 29 हजार दो मीट्रिक टन धान का उठान किया जा सका है। खरीद की गई धान में से फूड एंड सप्लाई ने सात लाख 19 हजार 991 एमटी और हैफेड ने दो लाख 41 हजार 50 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। अब तक 134557 किसानों की धान की फसल की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा 105237 किसानों और हैफेड द्वारा 29320 किसानों की धान की फसल खरीदी गई है।
पिछले करीब दस दिनों से धान की आवक में तेजी आ गई थी, जिसके चलते न केवल अनाज मंडियां बल्कि खरीद केंद्र भी लबालब भर गए थे। जगह-जगह सड़कों किनारे पर भी धान की ढेरियां लगानी पड़ी। धान उठान को लेकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे थे। समुचित उठान न होने के चलते किसानों को धान डालने की जगह तक नहीं मिल पा रही थी।
ऐसे में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अभी भी मंडियों से धान उठान उम्मीद अनुसार तेज नहीं हो पाया है, लेकिन अब धान की आवक में ही कमी होने लगी है, जिसके चलते अधिकारी राहत की सांस ले रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक मंडियों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
खरीद कार्य चल रहा सुचारु : शांतनु
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि धान की खरीद का कार्य सुचारु रुप से चल रहा है। खरीद केंद्रों पर किसान फसलों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लेकर पहुंच रहे है। सभी मंडियों व खरीद केंद्रों से उठान ता कार्य किया जा रहा है। सभी अधिकारियों व एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में जाकर सुविधाओं का मूल्यांकन करें। फील्ड में जाकर किसानों, व्यापारियों की समस्याओं को सुनें और उनका मौके पर समाधान करने का प्रयास करें। इसके साथ-साथ सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट मंडियों में कानून एवं व्यवस्था पर भी नजर रखें।