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Kurukshetra News: खटारा बसों पर पर सफर मुश्किल, रोजाना थम रहे पहिए

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सड़क किनारे खड़ी खराब हुई रोडवेज  बस।
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कुरुक्षेत्र। सीएम सिटी की परिवहन व्यवस्था इन दिनों खटारा बसों के सहारे चल रही है। हालत यह है कि रूटों पर रोजाना चार से पांच बसें बीच रास्ते में खराब हो रही हैं और सवारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। खराब बसों को बस स्टैंड या वर्कशॉप तक लाने के लिए विभाग के पास क्रेन की सुविधा भी नहीं है। मजबूरी में चालक और परिचालक खुद क्रेन मालिकों से संपर्क कर बस को खिंचवाने की व्यवस्था कर रहे हैं। कई बार बसों को दूसरी बसों की मदद से टोचन कर वर्कशॉप तक पहुंचाया जाता है।
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सोमवार को एक बस सड़क से नीचे उतर गई, जिसे निकालने के लिए भी कर्मचारियों को निजी क्रेन की मदद लेनी पड़ी। इस अव्यवस्था का खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रूट पर बस खराब होने पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। जिले में परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कम से कम 250 बसों की जरूरत है। विभाग के पास फिलहाल केवल 141 बसें ही हैं। इनमें से रोजाना आठ से दस बसें सर्विस या मरम्मत के लिए डिपो में खड़ी रहती हैं। ऐसे में रूटों पर चलने वाली बसों की संख्या और भी कम हो जाती है। बसों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग को अब तक अन्य जिलों से 60 पुरानी बसें मिल चुकी हैं। वहीं करीब 20 और पुरानी बसें जल्द मिलने की उम्मीद है। हालांकि ये बसें भी नए रूटों की जरूरत पूरी करने में सक्षम नहीं हैं और कई बार तकनीकी खराबियों के कारण रास्ते में ही रुक जाती हैं।
बसों के लिए सरकार को भेजा पत्र : महाप्रबंधक

रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि विभाग में बसों की कमी है। लेकिन रूटों पर व्यवस्था बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। विभाग ने नई बसों के लिए सरकार को पत्र लिखा है। जल्द ही बसें मिलने की उम्मीद है।
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