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ट्रेनों और बसों के पहिए थमे, परेशान यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर किया हंगामा

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कुरुक्षेत्र। रेलवे स्टेशन पर खड़ी उंचहार एक्सप्रेस। - फोटो : Kurukshetra
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तीन कृषि कानून के विरुद्ध में शुक्रवार को भारत बंद से जिले में रोडवेज की मात्र 19 बस ही अपने रूट पर चलीं, लेकिन वो भी चक्का जाम में फंस गईं। वहीं अंबाला और यमुनानगर रेलवे ट्रैक जाम होने से कुरुक्षेत्र जंक्शन से गुजरने वाली मालवा, झेलम, पश्चिम, सचखंड सहित 30 ट्रेनें कुरुक्षेत्र से पहले ही रद करनी पड़ी, जबकि ऊंचाहार एक्सप्रेस कुरुक्षेत्र स्टेशन पर खड़ी रही। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुस्साए यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा भी काटा।
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इटावा से चलने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस वीरवार रात 10:20 बजे चली, जिसे शुक्रवार को सुबह 8:50 बजे चंडीगढ़ पहुंचना था लेकिन यह ट्रेन सुबह 6:50 बजे से कुरुक्षेत्र जंक्शन पर ही रुकी रही। यात्रियों को जब पूछताछ केंद्र से पता चला कि ट्रेन रद कर दी गई है तो उन्होंने स्टेशन पर हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि अगर रेल मंत्रालय को भारत बंद का पता था तो उनको पहले ही ट्रेन रद कर देनी चाहिए थी। हंगामे के बाद कई यात्री तो अपने निजी वाहन किराए पर लेकर चले गए तो कई ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे। यात्रियों ने बताया कि निजी वाहन चालक भी चंडीगढ़ के लिए छह हजार रुपये की मांग कर रहे थे। हर यात्री इतने पैसे देने मेें सक्षम नहीं था। स्टेशन अधीक्षक केके सिंह का कहना है कि यहां रोजाना 30 ट्रेनें अप-डाउन में चलती हैं और भारत बंद होने से एक भी ट्रेन नहीं गई। इससे कुरुक्षेत्र जंक्शन को करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
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भारत बंद का पता होता तो नहीं आते घर से
यात्री सौरभ ने कहा कि इटावा से चंडीगढ़ आने के लिए दो दिन पहले ही टिकट बुक कर दी थी। अगर भारत बंद का पता लग जाता तो न टिकट बुक करते और न आज यहां स्टेशन पर फंसते। हालांकि रेलवे को भी भारत बंद के लिए यात्रियों को सूचना देनी चाहिए थी।
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आठ घंटे से कर रहे सफर
यात्री राधा ने कहा कि वह सुबह छह बजे इटावा से अमृतसर के लिए चली थी। भारत बंद की कोई सूचना नहीं थी। आठे घंटे से ट्रेन में सफर कर रहे थे और सुबह कुरुक्षेत्र स्टेशन पर आकर पता चला की भारत बंद है। इसके साथ ही ट्रेन को यहीं पर रोक दी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
टैक्सी वाले मांग रहे अधिक पैसे
रणजीत सिंह ने कहा कि सुबह से स्टेशन पर बैठे हैं। चंडीगढ़ जाने के लिए कोई बस नहीं चल रही है। वहीं निजी वाहन करके जाने पर टैक्सी चालक छह हजार रुपये की मांग रहे हैं। सुबह से भूखे बैठे हैं। न यहां पर आस पास खाने-पीने की कोई दुकान खुली है, जिससे कुछ खाकर पेट भर लें।
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