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गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली से टकराई मूरी एक्सप्रेस

Tue, 25 Feb 2014 11:59 PM IST
कुरुक्षेत्र
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शाहाबाद में मंगलवार सुबह लगभग 8:00 बजे जामनगर से जम्मू जा रही मूरी एक्सप्रेस की चपेट में गन्ने से भरी ट्राली आ जाने से अंबाला-दिल्ली रेलमार्ग लगभग ढाई घंटे बाधित रहा।
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इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं अंबाला व कुरुक्षेत्र के रेल अधिकारियों की सांसें भी फूली रही। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई। ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्राली व गन्नों को ट्रैक से हटाया गया और लगभग 10:30 बजे मूरी एक्सप्रेस को अंबाला के लिए रवाना किया गया।

शाहाबाद रेलवे स्टेशन के अधीक्षक मदन सिंह मीना ने बताया कि मूरी एक्सप्रेस 8:03 मिनट पर शाहाबाद स्टेशन से अंबाला के लिए रवाना हुई थी और जैसे ही यह ट्रेन 181 किलोमीटर माइल स्टोन पर बने जैनपुर गांव के गेट नं 99 पर पहुंची, तो उस फाटक से गुजर रही गन्ने की ट्राली से टकरा गई। इससे ट्रैक्टर ट्राली से अलग हो गया और ट्राली ट्रैक के बीचोंबीच पलट गई। इस कारण ट्रैक पर अप व डाउन दोनों ओर का यातायात बंद हो गया। उन्होंने बताया कि उस गेट ड्यूटी पर तैनात चिरंजी लाल एक गैंग मैन था, जिससे गेट मैन का कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिरंजी लाल का बायोडाटा भी नहीं मिला जिससे पता चल सके कि उसने गेट मैन की ट्रेनिंग भी की है या नहीं।
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चिरंजी लाल का कहना है कि उन्हें फाटक खोलने का आदेश सहायक स्टेशन मास्टर दिनेश खन्ना ने दिया था, जबकि खन्ना का कहना है कि चिरंजी लाल ने उन्हें बताया था कि 8:12 मिनट पर मूरी एक्सप्रेस निकल चुकी है, जिस पर उन्होंने गेट खोलने के लिए कहा था। हकीकत यह है कि 8:07 मिनट पर दुर्घटना हो चुकी थी। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि किसकी गलती से यह दुर्घटना हुई।

उन्होंने बताया कि गेट मैन की लोग बुक में टाइम पर कटिंग की हुई थी और 8:12 मिनट को काटकर 8:05 मिनट किया हुआ था। जीआरपी कुरुक्षेत्र के एसएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक गुरमेज सिंह ट्रैक्टर सहित मौके से फरार हो गया।

यह ट्रेनें रही प्रभावित  
अंबाला की ओर जाने वाली अप ट्रैक की ट्रेनों में  पानीपत-अंबाला पैसेंजर ट्रेन, स्वराज एक्सप्रेस, शताब्दी, ऊंचाहार, मालवा, दादर, हिमालयन क्वीन, शान-ए-पंजाब और डाउन ट्रेनों में शताब्दी, जन शताब्दी, बठिंडा एक्सप्रेस व सचखंड एक्सप्रेस शामिल रही। प्रात: 8:00 बजे से दोपहर लगभग 1:00 बजे तक ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा।

इंटरलोक हो गेट
निकटवर्ती गांव जैनपुर के ग्रामीणोें ने मांग की है कि इस फाटक के गेट को इंटरलोक किया जाए, ताकि ट्रेन के गुजरने के बाद ही फाटक खुल सके। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस फाटक पर अनेक दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के विरोध में फाटक पर जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। रेलवे अधिकारियों की ओर से ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। उसके बाद उन्होंने ट्राली को ट्रैक से हटाने दिया।

रेल यातायात बाधित रहने से यात्री रहे परेशान
दिल्ली से अमृतसर जा रहे राज मोहम्मद, कानपूर से लुधियाना जा रही तजिंद्र कौर ने बताया कि छोटे बच्चे साथ होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले ही साढ़े छह घंटे देरी से चल रही है और अब दुर्घटना के बाद ढाई घंटे से यह फाटक पर खड़ी है, इस तरह कुल 9 घंटे देरी से होने के कारण उनका आगामी सारा शेड्यूल खराब हो गया है। शिलांग से धर्मशाला जा रहे शांतुर घोष ने कहा कि उसे एक जरूरी मिटिंग एटेंड करनी थी, लेकिन देरी के कारण वह समय पर बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे। इससे उनका काफी आर्थिक नुकसान होगा। दिल्ली से जालंधर जा रहे अवतार सिंह, आरएस गौड, आरएम शर्मा, एसबी गुप्ता ने बताया कि देरी के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।
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