कुरुक्षेत्र। देशभर में जहां सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है, वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित धरोहर ( हेरिटेज म्यूजियम ) में आज भी पर्यटकों को केवल नकद ( कैश ) में ही टिकट लेना पड़ रहा है। यहां ऑनलाइन पेमेंट की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल पर्यटकों का अनुभव खराब होता है, बल्कि संस्थान की छवि पर भी असर पड़ता है।
धरोहर देखने के लिए पहुंचने वाले कई पर्यटक डिजिटल पेमेंट जैसे यूपीआई, कार्ड या मोबाइल वॉलेट के माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन व्यवस्था न होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है। कई बार तो स्थिति ऐसी बन जाती है कि नकद पैसे न होने के कारण पर्यटक बिना धरोहर देखे ही वापस चले जाते हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द डिजिटल भुगतान की व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि धरोहर का भ्रमण सभी के लिए सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके।
टिकट काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि प्रतिदिन करीब आठ से दस पर्यटक ऐसे आते हैं, जिनके पास कैश नहीं होता और वे ऑनलाइन भुगतान करना चाहते हैं। सुविधा के अभाव में उन्हें टिकट नहीं मिल पाता।
ऑडिट ब्रांच से नहीं मिली अनुमति : डॉ विवेक
धरोहर संचालक डॉ. विवेक चावला ने बताया कि ऑनलाइन पेमेंट शुरू करने के लिए अभी ऑडिट ब्रांच से अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल टिकट से प्राप्त राशि को बैंक में जमा करवाया जा रहा है। जैसे ही संबंधित विभाग से मंजूरी मिलती है, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।