कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह के राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले के छठवें दिन ब्रह्म सरोवर के महिला घाट पर जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखण्ड, पंजाब, राजस्थान के कलाकारों ने अपने-अपने यहां के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही ब्रह्म सरोवर के पावन तट पर बीन, बांसुरी, सारंगी आदि वाद्य यंत्रों के सुर गूंजते रहे। इन वाद्य यंत्रों के सुर और कलकारों की ताल पर पर्यटक भी झूमते हुए नजर आए।
केडीबी की मुख्यकार्यकारी अधिकारी डॉ. पूजा भारती ने बताया कि राष्ट्रीय मेला अपने चरम पर है। मेले में लगता है पूरा उत्तर भारत ही सिमट कर आ गया है। इस बार बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंच रहे हैं। इसस पता चलता है कि कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह की महक विदेशी जमीन तक भी पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की तरफ से 12 प्रदेशों के लोक कलाकार उत्सव में पहुंच चुके है। ये सभी कलाकार 21 दिसंबर तक कुुरुक्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों ज्योतिसर, पिहोवा में भी लोगों का मनोरंजन करेंगे।
अनूप जलोटा की भजन संध्या आज
कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में 18 दिसंबर को सुबह नौ बजे श्री कृष्ण संग्रहालय में राज्य स्तरीय गीता श्लोकों का उच्चारण प्रतियोगिता, सुबह 10 बजे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हाल में भगवत गीता की सार्वभौम प्रासांगिकता विषय पर अन्र्तराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी।
प्रात: 11 बजे उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम हाेंगे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी करेंगे। शाम छह बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग में अनूप जलोटा की भजन संध्या होगी।
जयराम विद्यापीठ परिसर में 2.30 बजे से लेकर छह बजे तक श्रीमद्भागवत कथा और गीता पर आधारित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं सुबह के सत्र में होंगी।
मीडिया सेंटर का अवलोकन किया
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा है।
उन्होंने पर्यटकों और खासकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह उत्सव नए रंग और नई उमंग के साथ राज्य सरकार मना रही है।