कुरुक्षेत्र। भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों पर शाम के समय इंद्रदेवता ने कृपा कर दी। शाम के समय अचानक मौसम में बदलाव हुआ और बारिश शुरू हो गई। इस बारिश ने कुछ समय के लिए लोगों को गर्मी से राहत जरूर दिलाई लेकिन मंडियों में पड़ी मक्का और सूरजमुखी की फसल भीगने से किसानों को निराश भी किया है।
पिछले कई दिनों से चल रही भीषण गर्मी का लोग शनिवार को भी सुबह से ही सामना करते रहे, लेकिन शाम के समय अचानक बारिश आई तो बड़ी राहत मिली। करीब सात एमएम बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते मौसम सुहावना हुआ तो ठंडी हवा भी चली, लेकिन बारिश से अनाजमंडियों में किसानों को फिर नुकसान की आशंका बन गई है। मंडियों में मक्का व सूरजमुखी की फसल पहुंच रही है। मक्का का सीजन चरम पर है और किसान आगे धान रोपाई की तैयारी के चलते भी जल्द मक्का सूरजमुखी की फसल निपटाने में लगे थे। जिलेभर की मंडियों में मक्के की फसल अधिक मात्रा में आई हुई है और इसमें नमी के चलते दिन भर सुखाई जाती रही, लेकिन अचानक बारिश हुई तो यह पानी में डूबने लगी। जहां थानेसर अनाजमंडी में ही मक्के की फसल बड़ी मात्रा में पानी में डूब गई और पानी निकासी न हो पाने के चलते मंडी पानी से लबालब हो गई तो किसान व मजदूर फसल को बचाने के प्रयास में जुटे रहे। पूरी मंडी के फड़ों पर सुखाई फसल को समेटा भी नहीं जा सका। वहीं शाहाबाद में भी सूरजमुखी की फसल पानी के साथ बहने लगी, जिसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए जाते रहे। मंडियों में पड़ी फसल की दुर्गति देख किसान सन्न रह गए। किसानों का कहना था कि गर्मी सहन करना ही बेहतर था। पहले ही फसल खरीद में नमी का बहाना आड़े आ रहा था अब पूरी फसल ही बारिश में भीग गई।