कुरुक्षेत्र। टोल प्लाजा का दृश्य।
- फोटो : Kurukshetra
नेशनल हईवे पर गांव थाना गुजरान टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा एक कैंसर पीड़ित महिला की कार रोककर उसकी जान का आफत में डालने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने सीएम विंडो, खेलमंत्री संदीप सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को मामले की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव जुरासी कलां निवासी कुलवंत सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी हरविंद्र कौर को गले का कैंसर है तथा डॉक्टरों ने उसे सांस देने के लिए उसके गले में पाइप लगाए हुए हैं। गत दिवस वह कार में अपनी पत्नी के साथ दवाई लेकर कैथल से अपने गांव की ओर जा रहा था। थाना गुजरान टोल प्लाजा पहुंचने पर कार पर लगे फास्ट टैग से ऑटोमेटिक टोल कट गया। जैसे ही उसने टोल प्लाजा को पार करना चाहा तभी सामने खड़े कर्मी ने अचानक से उनकी कार के आगे बैरियर लगाकर उसकी कार को रोक लिया था। आरोप है कि उक्त कर्मी ने उससे दूसरी लाइन से वापस आने के लिए बहस करने लगा, जबकि उसने फास्ट टैग से कटने के बाद फोन पर आए मैसेज को भी कर्मी को दिखाया था, लेकिन कर्मी उसे दोबारा से दूसरी लाइन से टोल पार करने की जिद पर अड़ा रहा।
इस दौरान उसकी पत्नी को सांस लेने में परेशानी होनी लगी, लेकिन कर्मी अपनी जिद पर अड़ा रहा और उसके साथ गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान उसकी पत्नी के गले में पाइप में खून आने लगा, जिसे देखकर उक्त कर्मी ने उनको जाने दिया।
गौरतलब है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की गाइडलाइंस के अनुसार एंबुलेंस और मरीज वाली किसी भी गाड़ी से टोल की वसूली नहीं की जा सकती है, बल्कि ऐसे में टोल प्लाजा को अपनी एंबुलेंस देकर उनकी सहायता करनी होती है।
उधर, टोल प्लाजा के मैनेजर बृजपाल ने बताया कि कार चालक वीआईपी लाइन से टोल प्लाजा पार कर रहा था, जिसे सामने खड़े कर्मी द्वारा रोका गया था। हालांकि बाद में कर्मी ने गाड़ी चालक को जाने दिया।