पितृ पक्ष की अमावस्या इस बार सोमवार को है। सोमवती अमावस्या का श्राद्ध पक्ष में वैसे ही काफी बड़ा महत्व है। सोमवती अमावस्या पर धर्मनगरी के पवित्र सरोवरों पर स्नान और पिंडदान का अति महत्व माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से सोमवारी अमावस्या पर प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास से हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन, धर्मनगरी के पवित्र सरोवरों की देखरेख का जिम्मा संभाल रहे केडीबी की ओर से कोई व्यवस्था यहां नजर नहीं आती है। हालात ऐसे हैं कि पवित्र सरोवरों का जल दूषित हो गया है और उनमें गंदगी का बोलबाला है।
न पीने का पानी, न सरोवरों में सफाई
धर्मनगरी के धार्मिक स्थलों की देखरेख का जिम्मा कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड की ओर से संभाला जाता है, लेकिन अभी तक सोमवती अमावस्या पर स्नान के लिए आने वाले लोगों की संख्या के मद्देनजर केडीबी प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं हुई है। भारी भीड़ रहने के कारण सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किया गया। इतना ही नहीं केडीबी द्वारा लगाए गए अधिकतर सीसीटीवी कैमरे भी खराब पड़े हुए हैं। पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं दिख रही है। सरोवरों में सफाई का भी बुरा हाल है।
तीर्थ स्थलों का हाल, लोगों की जबानी
तीर्थ पुरोहित प्रवीन शर्मा ने बताया कि बह्मसरोवर के मेन गेट के पास एक ही वाटर कूलर है वो भी पर्यटकों की प्यास नहीं बुझा पाता है, क्योंकि उसे यदि चलाते है तो वो करंट मारता है जिसके कारण यात्रियों को गर्म पानी पीना पड़ रहा है। तीर्थ पुरोहित रामकुमार ने बताया कि सरोवर पर न तो पीने के पानी की सुविधा है और तालाब का पानी भी काफी गंदा है। यात्री सरोवर में गंदगी के कारण नहाना पसंद नहीं करते ये लोगों की आस्था के साथ सीधे सीधे खिलवाड़ किया जा रहा है।
पीने का पानी गंदा
नोएडा निवासी सुनीता ने कहा कि बह्मसरोवर पर सफाई तो ठीक है, लेकिन सरोवर का पानी में बहुत गंदगी है। इस पानी में यदि कोई नहाता है तो उसे चर्म रोग होने की संभावना अधिक होगी। इतना ही नहीं सरोवर पर वाटर कूलर तो लगा है, लेकिन वो गर्म पानी देता है।
गंदे पानी में नहा नहीं सकते
यात्री परिया ने कहा कि मैंने ज्योतिसर तीर्थ, बह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर को देखा है, इन सभी तीर्थों के सरोवरों का पानी काफी गंदा है। यात्री यहां नहाने आते हैं, लेकिन पानी गंदा होने के कारण कहीं भी नहा नहीं सके। सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर तीर्थ और ब्रह्मसरोवर का पानी बहुत गंदा है। इतना ही नहीं सन्निहित सरोवर पर तो कुछ लोगों को कपड़े साफ करते देख सकते है। कपड़ों का गंदा पानी व साबुन का पानी सरोवर में मिलकर पानी को और भी दूषित कर रहा है।
क्या कहना है केडीबी अधिकारी का
मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड डॉ. पूजा भारती ने बताया कि 12 अक्टूबर को सोमवती अमावस्या के दिन ब्रह्म सरोवर व सन्निहित सरोवर पर पवित्र स्नान होगा। इस दिन यहां काफी संख्या में तीर्थ यात्रियों के आने की संभावना है। इसके लिए 11 व 12 अक्टूबर को यातायात नियंत्रण, कानून व्यवस्था के प्रबंध तथा प्राथमिक सहायता व विद्युत की उचित व्यवस्था सहित 24 घंटे पीने के स्वच्छ पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।