कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान के तहत केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से किसानों को तीन एचपी से 10 एचपी क्षमता के सोलर वाटर पंप पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत केवल वही आवेदक किसान पात्र होंगे जो सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करेंगे। उनके परिवार (परिवार पहचान पत्र) के नाम पर सोलर का कनेक्शन न हो, आवेदक के नाम बिजली आधारित पंप न हो, आवेदक के नाम पर कृषि भूमि कि जमाबंदी/फर्द होनी चाहिए। इसके लिए किसान आठ अप्रैल तक अपना आवेदन सरल हरियाणा पोर्टल पर कर सकते हैं। एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार उन गांव में जहां भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली कि स्थापना अनिवार्य है, अन्य को भूमिगत पाइपलाइन या सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को लगाना अनिवार्य होगा। धान उगाने वाले किसान जिनके क्षेत्र में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण (एचडब्लयूआरए) की रिपोर्ट के आधार पर भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे गिर गया है वे किसान इस योजना के पात्र नहीं होंगे। केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से किसानों को तीन एचपी से 10 एचपी क्षमता के सोलर वाटर पंप पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस चरण में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सरकार की ओर से सोलर पंप लगाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए है। इसके लिए केवल वही किसान पात्र होंगे जो सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करेगा।