कुरुक्षेत्र। घर-घर से कचरा उठान कर रहे टिप्पर चालक शुक्रवार को भड़क उठे और जिला सचिवालय परिसर में जमकर रोष जताया। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम डीआरओ चेतना चौधरी को ज्ञापन दिया।
टिप्पर चालक एसोसिएशन के प्रधान गुलशन ने बताया कि नगर परिषद का कचरा उठाने का कार्य निजी कंपनी की तरफ से पिछले दो साल से 149 कर्मचारी लगे हैं लेकिन कुछ अधिकारियों द्वारा शोषण किया जा रहा है। आरोप लगाए कि सुपरवाइजरों द्वारा नौकरी के नाम पर 40 से 50 हजार रुपये लिए जा रहे हैं और इसी के चलते हर माह कुछ नए लोगों को रखा जा रहा है जबकि पहले के चालकों को बिना वजह हटा दिया जाता है।
यही नहीं उनके साथ अन्य तरह से भी शोषण किया जा रहा है, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों के संज्ञान में दिया लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। 29 जनवरी को भी उन्होंने रोष जताया था, जिसके चलते कंपनी के सीनियर हेड अमित दहिया भी पहुंचे थे और उन्होंने भी पूरा भरोसा दिया था। इसके बावजूद संबंधित सुपरवाइजरों को नहीं हटाया जा सका है। इस मौके पर राहुल, गौरव, ललित, अनिल, संदीप, सुरजीत, रिक्का, पवन, सागर, प्रदीप, राजेश, सहित काफी संख्या में टिप्पर चालक मौजूद रहे।