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Kurukshetra News: नई कमेटी बनने तक एडहॉक कमेटी की संभालेगी प्रदेश के गुरुघरों व सिख संस्थानों की कमान

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कुरुक्षेत्र। नई कमेटी बनने तक प्रदेश के गुरुघरों व अन्य संस्थानों की कमान एडहॉक कमेटी ही संभालेगी, जिसके लिए शनिवार को कमेटी के प्रधान भूपिंद्र असंध व धर्म प्रचार कमेटी के अध्यक्ष बाबा बलजीत सिंह दादूवाल व महासचिव सुखविंदर सिंह मंडेबर मुख्यालय पहुंचे। यहां बैठक कर पत्रकारों से चर्चा की। प्रधान भूपिंद्र असंध ने बताया कि नवनिर्वाचित हाउस पूरा न होने व सदस्यों द्वारा शपथ लेने तक पुरानी कार्यकारिणी ही सेवा संभाल करेगी। गुरुद्वारा साहिबान का प्रबंध सुचारु ढंग से चलाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
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उन्होंने बताया कि इस बारे में गुरुद्वारा चुनाव आयोग के चेयरमैन जस्टिस एचएस भल्ला ने इस संदर्भ में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी समिति एवं सदस्यों से सेवा संभाल करने की अपील की है। उन्हाेंने नामित सदस्यों का नाम तय करने के लिए जल्द कानून बनाने की भी अपील की।

दादूवाल ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर में सदस्य नामजद करने के लिए वर्ग का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के एक्ट के अनुसार नामजद किए जाने वाले सदस्यों में कैटेगरी रखी गई है, मगर इसके लिए कानून नहीं बना है। इसके अनुसार दो सदस्य जरनल वर्ग, दो महिलाएं, हरियाणा सरकार के पास पंजीकृत सिंह सभाओं से दो और तीन सदस्य एससी व बीसी वर्ग से चुने जाने हैं। उनके मुताबिक सदस्य नामजद करने व कानून बनाने के लिए अब हाउस पूरा करने में समस्या आ रही है। इसलिए जब तक सदस्य नामजद करने के लिए सरकार द्वारा कानून नहीं बनाया जाता और नवनिर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण नहीं कर लेते तब तक पुरानी कार्यकारिणी ही सेवा संभाल करेगी।
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उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को हरियाणा कमेटी के नवनिर्वाचित सदस्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सदस्य नामजद करने के लिए कानून बनाने संबंधी एक ज्ञापन भी देेंगे। दादूवाल ने कहा कि पंचकूला में हुई बैठक में नवनिर्वाचित 40 मैंबर साहिबान ने सर्वसम्मति से गुरुद्वारा चुनाव आयोग के चेयरमैन द्वारा नौ सदस्य नामजद करने के लिए कानून बनाने पर सहमति जताई थी। परंतु बैठक के बाद कुछ लोगों ने जो कि सदस्य भी नहीं है, ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जब सदस्यों द्वारा जस्टिस एचएस भल्ला को अपनी सहमति दे दी थी, तो ऐसे में बाहर बैठे कुछ लोगों का शोर मचाना बेबुनियाद है।
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