कुरुक्षेत्र। अब साइबर ठग डेबिट व क्रेडिट कार्ड का क्लोन बनाकर उपभोक्ताओं का खाता खाली करने लगे हैं। इस धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी के हाथ में अपना कार्ड नहीं देना है साथ ही कार्ड का पिन भी किसी के साथ साझा न करें। जिला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि कार्ड में एक मैग्नेटिक स्ट्रिप होती है, जिसमें कार्ड से संबंधित महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी रखी जाती है। साइबर ठग स्किमिंग डिवाइस के माध्यम से इस जानकारी को संग्रह करके किसी खाली कार्ड में कॉपी कर क्लोन तैयार कर लेते हैं। पिन अंकित करते समय पिन होल, स्पाई कैमरा, एटीएम की-पैड के ऊपर ओवरले डिवाइस का प्रयोग कर पिन प्राप्त करके खाता खाली कर देते हैं। इसलिए किसी के हाथ में अपना कार्ड न दें और पिन अंकित करते समय सतर्क रहें।
इन बातों का रखें ध्यान
-मोबाइल पर पैसे भेजने के आए मैसेज की अच्छी तरह से पड़ताल करें।
-किसी कहने या मैसेज के जरिए आए लिंक की एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें।
-बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड का नंबर, कार्ड पर अंकित एक्सपायरी, सीवीवी नंबर या अन्य जानकारी किसी को न दें।
-नेटवर्क को 5-जी नेटवर्क में शिफ्ट करने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सावधान रहें।
-व्हाट्सएप किसी अज्ञात नंबर से आई ऑडियो-वीडियो कॉल को रिसीव न करें।
-टेलीग्राम एप के माध्यम से घर बैठे पैसे कमाने के लुभावने ऑफर के लालच में न आएं।
-ई-चालान का मैसेज आए तो सावधान रहें। कोई लिंक को न खोलें।
-इनकम टैक्स रिफंड के लिए बैंक खाते को वेरीफाई करने का मैसेज आए तो लिंक न खोलें।
-ऑनलाइन खरीदारी करते समय वेबसाइट के यूआरएल में एचटीटीपीएस हो न की खाली एचटीटीपी।
-मोबाइल में ऑटो डाउनलोड परमिशन ऑन न रखें।
-ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करने की बजाय उस कंपनी या संस्था की वेबसाइट पर सर्च करें।
-डाक विभाग के नाम से अधूरा पता होने का मैसेज आए तो सावधान रहें। ओटीपी साझा न करें और न लिंक खोलें।
-एटीएम बूथ से रुपये निकालते समय छिपे कैमरे और स्कीमर डिवाइस की जांच कर लें।
-जांच कर लें कि एटीएम के पैड पर ओवरले डिवाइस की पैड न लगी हो।
- इन सब सावधानी के बावजूद ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत भारत सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद भी तुरंत अपने नजदीक थाने व पुलिस चौकी में शिकायत दें।