ढाई साल पहले मामा के साथ शादी समारोह से लौट रही नाबालिग से मारपीट व छेड़छाड़ करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। दोषी अजय को कैद के साथ साढ़े 8 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। वहीं इस मामले के आरोपी अभिषेक की मौत हो चुकी है। जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि 24 जनवरी 2019 को थाना शहर थानेसर के अंतर्गत रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 23 जनवरी रात करीब 10 बजे वह तथा अपनी नाबालिग भांजी के साथ एक शादी समारोह से वापस अपने घर लौट रहा था। गली में तीन युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया तथा उनके साथ मारपीट करते हुए उसकी भांजी के साथ अश्लील हरकत की थी। शोर मचाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए थे। शिकायत पर पुलिस ने 08 पोक्सो अधिनियम व आईपीसी की धारा 323, 341, 506 व 34 के तहत मामला दर्ज करके जांच महिला सहायक उप निरीक्षक सरोज बाला को दी थी। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत नाबालिग के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत न्यायालय में दर्ज कराकर 25 जनवरी को आरोपी अजय व उसके साथी अभिषेक को गिरफ्तार करके मुकदमे का चालान न्यायालय में पेश किया था। मामले की नियमित सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में करते हुए 30 जुलाई 2021 को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद व साढ़े आठ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।